जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा, 11 मई 2026।
सुकमा-बीजापुर सीमावर्ती अतिसंवेदनशील गांव गुंडराजगुड़ेम में आखिरकार विकास की रोशनी पहुंच गई है। वर्षों तक नक्सल प्रभाव और दुर्गम परिस्थितियों के कारण अंधेरे में रहने वाला यह गांव अब पहली बार विद्युत सुविधा से जुड़ गया है। सुरक्षा बलों, जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के संयुक्त प्रयासों से गांव में ट्रांसफार्मर स्थापना एवं विद्युत लाइन विस्तार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर बिजली आपूर्ति प्रारंभ कर दी गई है।
गुंडराजगुड़ेम कभी माओवादियों के PLGA बटालियन-1 का मजबूत गढ़ माना जाता था, जहां विकास कार्य करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। लगातार सुरक्षा अभियानों और क्षेत्र में सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने के बाद हालात बदले और अब गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचने लगी हैं।
जिला पुलिस सुकमा एवं CRPF ने क्षेत्र में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था कायम कर विकास कार्यों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया। इसके बाद विद्युत विभाग ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और जोखिमों के बीच गांव तक बिजली पहुंचाने का कार्य पूरा किया। मानसून जैसी चुनौतियों के बावजूद अभियान लगातार जारी रखा गया, जिसका परिणाम आज गांव में उजाले के रूप में दिखाई दे रहा है।
बिजली पहुंचते ही ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला। गांववासियों ने इसे अपने जीवन का ऐतिहासिक दिन बताते हुए प्रशासन और सुरक्षा बलों के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि अब बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सुविधाएं, मोबाइल संचार और छोटे रोजगार के अवसर बेहतर होंगे।
गांव में पहली बार जले बल्ब सिर्फ बिजली का प्रतीक नहीं, बल्कि उस भरोसे और बदलाव की तस्वीर हैं, जो अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दिखाई देने लगी है। गुंडराजगुड़ेम में बिजली पहुंचना शांति, विकास और मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है




