वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जन्मजात नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) के मामले में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें जन्मजात नागरिकता के अधिकार को सीमित करने की कोशिश की गई थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी बच्चे स्वतः अमेरिकी नागरिक होंगे, चाहे उनके माता-पिता अस्थायी वीजा पर हों या अवैध रूप से रह रहे हों। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस अधिकार से केवल विदेशी राजनयिकों और कुछ विशेष श्रेणियों के बच्चों को ही बाहर रखा गया है।
इस फैसले से अमेरिका में एच-1बी, एल-1 और एफ-1 वीजा पर रह रहे हजारों भारतीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता सुरक्षित रहेगी। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का वर्षों से इंतजार कर रहे भारतीय परिवारों को भी इस निर्णय से फायदा होगा।
हालांकि, न्यायमूर्ति सैमुअल एलिटो और क्लेरेंस थॉमस ने फैसले से असहमति जताते हुए 14वें संशोधन की अलग व्याख्या की। वहीं भारतीय-अमेरिकी संगठन इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे अप्रवासी परिवारों के अधिकारों की बड़ी जीत बताया।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है






