आंगनवाड़ी केंद्रों में पहुंच रहे प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक, खेल-खेल में सीख रहे बच्चे
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। जिले में प्रारंभिक बाल शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और नीति आयोग के संयुक्त समन्वय से शुरू किया गया ‘सशक्त आंगनवाड़ी अभियान’ तेजी से सकारात्मक परिणाम दे रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के समन्वय से संचालित इस अभिनव पहल के तहत अब समीपस्थ प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक नियमित रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों को रोचक और सहभागितापूर्ण तरीके से शिक्षा दे रहे हैं।

अभियान का मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष के बच्चों को विद्यालय में प्रवेश से पहले ही सीखने के लिए तैयार करना और उनकी शैक्षणिक नींव को मजबूत बनाना है। शिक्षक बच्चों को खेल-खेल में अक्षर ज्ञान, गिनती, बालगीत, कहानी और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ रही है और वे विद्यालय के वातावरण से भी सहज रूप से परिचित हो रहे हैं।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि शिक्षकों के सहयोग से उन्हें भी बच्चों को पढ़ाने के नए और प्रभावी तरीके सीखने का अवसर मिल रहा है। वहीं अभिभावक भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं। पोषण और शिक्षा के समन्वय से बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई गति मिल रही है।
इसी कड़ी में गुरुवार को आंगनवाड़ी केंद्र मुरतोंडा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता चिंगी नाग एवं शिक्षिका परिणीता कश्यप ने 16 बच्चों के लिए रोचक शिक्षण सत्र आयोजित किया। वहीं आंगनवाड़ी केंद्र गोलागुड़ा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता साधना नाग की उपस्थिति में शिक्षिका जयमाला ने 17 बच्चों को खेल-आधारित शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान किया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ गतिविधियों में भाग लिया और आनंदपूर्वक नई बातें सीखीं। कार्यक्रम के दौरान सेक्टर पर्यवेक्षक यशबाला सिंह ठाकुर ने उपस्थित रहकर समन्वय एवं संचालन सुनिश्चित किया।
जिला प्रशासन का मानना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुभव और शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता का यह समन्वय बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करेगा। इस नवाचार से न केवल बच्चों में सीखने की ललक बढ़ेगी, बल्कि आगे चलकर विद्यालय छोड़ने की दर में भी कमी आने की उम्मीद है। ‘सशक्त आंगनवाड़ी अभियान’ प्रारंभिक बाल शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सुकमा जिले की एक प्रेरणादायक और दूरदर्शी पहल बनकर उभर रहा है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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