जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा/देवरपल्ली। जिले के ग्राम पंचायत गोरगुंडा के आश्रित ग्राम देवरपल्ली में एक बच्ची के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर जनजातीय समाज और ईसाई धर्म अपना चुके एक परिवार के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि समय रहते समझाइश और संयम के चलते मामला शांतिपूर्ण रहा तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईसाई धर्म अपना चुके मांडवी पोदिया (पिता – मुया) की पुत्री के निधन के बाद परिवार द्वारा ग्राम में अंतिम संस्कार किए जाने का प्रयास किया गया। इस दौरान ग्राम पटेल, पुजारी, पेरमा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी पारंपरिक जनजातीय मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक व्यवस्था का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। विरोध के बाद संबंधित परिवार बच्ची के शव को अंतिम संस्कार के लिए दोरनापाल ले गया।
घटनास्थल पर जनपद सदस्य मड़कम भीमा एवं ग्राम पंचायत गोरगुंडा की सरपंच श्रीमती भीमे सोड़ी भी मौजूद रहीं। जनपद सदस्य मड़कम भीमा ने सभी पक्षों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक जीवन से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की भावनाओं और पारंपरिक आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए।
मड़कम भीमा ने कहा कि वे संविधान और कानून के दायरे में रहकर आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने प्रशासन से भी ऐसे संवेदनशील मामलों में समय रहते संवाद स्थापित कर संतुलित एवं शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने की अपील की।
घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी विवाद का समाधान कानून और आपसी संवाद के माध्यम से करने पर जोर दिया।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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