अंधेरे से उजाले की ओर: पुसगुड़ा में पहली बार जले उम्मीद के दीये

जिला प्रमुख नवीन दांदडें

सुकमा – घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम रास्तों के बीच बसे पुसगुड़ा गांव में आखिरकार वह दिन आ ही गया, जिसका इंतजार यहां के ग्रामीण दशकों से कर रहे थे। कोंटा विकासखंड के इस अति दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पहली बार बिजली पहुंचने से पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है।
जहां कभी रात का अंधेरा ही नियति था, आज वहीं घर-घर में बल्ब की रोशनी ने नई उम्मीदों को जन्म दिया है। यह केवल बिजली का कनेक्शन नहीं, बल्कि विकास की पहली किरण है, जिसने पुसगुड़ा के जीवन को बदलने की शुरुआत कर दी है।

कठिन राह, मजबूत इरादा

जिला मुख्यालय से लगभग 108 किलोमीटर दूर स्थित पुसगुड़ा तक पहुंचना आज भी किसी चुनौती से कम नहीं। कच्चे रास्ते, पहाड़ी चढ़ाई, घने जंगल और बरसात में दलदल बन जाने वाली पगडंडियां इस गांव को वर्षों तक विकास से दूर रखे हुए थीं।
लेकिन प्रशासन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और मिशन मोड में काम करते हुए गांव तक बिजली पहुंचाने का असंभव सा दिखने वाला कार्य संभव कर दिखाया।

प्रशासन की प्रतिबद्धता

कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि पुसगुड़ा तक बिजली पहुंचाना केवल तकनीकी कार्य नहीं, बल्कि प्रशासन की इच्छाशक्ति और जनसेवा के संकल्प की परीक्षा थी।
उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम ने यह सुनिश्चित किया कि विकास की रोशनी गांव के अंतिम घर तक पहुंचे।
ग्रामीणों की खुशी
गांव की निवासी श्रीमती सुन्नम लक्ष्मी ने भावुक होकर कहा—
“हमारे गांव में बिजली आना किसी चमत्कार से कम नहीं है।”
अब गांव में टीवी, पंखा, मोबाइल चार्जिंग और बच्चों की पढ़ाई जैसी सुविधाएं संभव हो सकेंगी। लालटेन के सहारे जीवन जीने वाले ग्रामीण अब आधुनिक जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

106 परिवारों को मिला लाभ

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, सुकमा संभाग द्वारा इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
कार्यपालन अभियंता श्री हिलोन ध्रुव ने बताया कि कई स्थानों पर मशीनें नहीं पहुंच सकीं, ऐसे में खंभे और तार मानव श्रम से जंगलों और पहाड़ियों के बीच पहुंचाए गए।
इस परियोजना के तहत गांव के 106 ग्रामीणों को पहली बार बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री का जताया आभार

गांव के मुंदराजू, सुन्नम रामे, तोड़म सच्चू, सुन्नम क्रांति, अनीगी मुथम्मा, सुन्नम कन्नी और माड़वी वीरा सहित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

बदलाव की नई शुरुआत

पुसगुड़ा में जला यह उजाला सिर्फ बिजली नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई राह है। यह पहल साबित करती है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो देश का कोई भी कोना विकास से अछूता नहीं रह सकता।
— यह सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि उम्मीद, संघर्ष और बदलाव की प्रेरक गाथा है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है