जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। जिले में पशुपालकों के लिए संचालित चलित पशु चिकित्सा इकाई (एमवीयू) अब तेज और प्रभावी सेवा का पर्याय बनती जा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है।
इसका ताजा उदाहरण चिकपाल निवासी पशुपालक श्री ईश्वर मौर्य के मामले में देखने को मिला। डेयरी व्यवसाय से जुड़े श्री मौर्य के पास 6 जर्सी गायें हैं। उन्होंने अपनी गायों के कृत्रिम गर्भाधान (एआई) के लिए टॉल फ्री नंबर 1962 पर कॉल किया।
सिर्फ 30 मिनट में मिली सेवा
कॉल करने के महज आधे घंटे के भीतर डॉक्टर सहित चलित पशु चिकित्सा वाहन उनके घर पहुंच गया। मौके पर मौजूद टीम ने तेजी से कार्य करते हुए निःशुल्क एआई क्रॉस ब्रीडिंग की प्रक्रिया पूरी की।
विशेषज्ञ टीम ने संभाला मोर्चा
चलित इकाई में सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी सुश्री सपना चौधरी एवं परिचारक श्रीमती अनीता कवासी उपस्थित रहीं। उनकी तत्परता से एक घंटे के भीतर पूरी सेवा उपलब्ध करा दी गई, जिससे पशुपालक ने संतोष और खुशी जाहिर की।
घर-घर पहुंच रही पशु चिकित्सा सेवा
सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सुकमा जिले में वर्तमान में 3 चलित पशु चिकित्सा वाहन संचालित हैं, जो पशुपालकों के एक कॉल पर घर पहुंचकर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
इन सेवाओं में शामिल हैं:
पशुओं का उपचार
कृत्रिम गर्भाधान (एआई)
टीकाकरण
बधियाकरण
सैंपल कलेक्शन
उन्नत ब्रीडिंग सेवाएं
पूरी तरह निःशुल्क सुविधा
सबसे खास बात यह है कि ये सभी सेवाएं पशुपालकों को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती और समय व खर्च दोनों की बचत होती है।
पशुपालकों से अपील
पशु चिकित्सा विभाग सुकमा के उप संचालक डॉ. संदीप इंदुरकार ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे किसी भी पशु चिकित्सा समस्या के लिए टॉल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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