राजधानी से जनता तक/ चरण सिंह क्षेत्रपाल
गरियाबंद – गरियाबंद जिला जंगलों से भरा और घिरा क्षेत्र है जिसमें दो वन मंडल है, एक सामान्य वन मंडल गरियाबंद और दूसरा उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व अभ्यारण्य गरियाबंद है जिसका मुख्यालय गरियाबंद है किन्तु इन दिनों मैदानी वन अधिकारियों के मुख्यालय में नहीं रहने से इन दिनों आग लगी है, पूरा जंगल फायर वाचर के भरोसे छोड़ दिए हैं यह आरोप भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सहसंयोजक मुरलीधर सिन्हा ने लगाया है और बताया कि अपने क्षेत्र के दौरे से लौटते समय देखा कि धूं-धूं करके जंगलों में दावानल से पूरा जंगल जलकर राख हो गया है, मैदानी अधिकारी कुंभकर्णी निंद्रा में है और पूरा जंगल फायर वाचर के भरोसे छोड़ दिए हैं । आज गरियाबंद जिला के दोनों मंडल उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व अभ्यारण्य एवं गरियाबंद सामान्य वन मंडल के मैदानी अधिकारी मुख्यालय में नहीं होने के कारण अवैध कटाई एवं जंगल जमीन पर अवैध कब्जा बेधड़क हो रहे हैं। भरा- पूरा जंगल मैदान में तब्दील हो रहा है ।

वन अधिकारियों के घोर लापरवाही की वजह से जंगल की अवैध कटाई के साथ-साथ जंगली जानवरों का अवैध शिकार भी धड़ल्ले से हो रहा है , कुछ अवैध शिकारी के पकड़े जाने का अवैध शिकार का पुख्ता प्रमाण है । भाजपा नेता मुरलीधर सिन्हा ने वन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि गरियाबंद जिला के वन अधिकारी मुख्यालय में नहीं होने के बाद भी अपना दौरा बताकर फर्जी ड्यूटी डायरी व लॉक बुक भरकर विभाग को लाखों रूपये का चुना प्रति वर्ष लगा रहे हैं ? सिन्हा के अनुसार उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व अभ्यारण्य वन मंडल का क्षेत्र गरियाबंद से 45 किमी बाद प्रारम्भ होता है किन्तु उसका मुख्यालय गरियाबंद में यह समझ से परे है। ये अभ्यारण्य अधिकारी अपने सहूलियत अनुसार बड़ी चालाकी से मुख्यालय गरियाबंद को बनाया है ? जो मुख्यालय 50 किमी दूर है तो क्या अभ्यारण्य की देखभाल करेंगे ? यह बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है ।

इसी तरह सामान्य वन मंडल गरियाबंद की भी यही हालात है, गरियाबंद से 80 किमी दूर देवभोग, इन्दागांव वन परिक्षेत्र के अंतर्गत 84 मुआवजा का देवस्थल कांदाडोंगर के आसपास जंगल पूरा जलकर जल कर राख हो गया है, देवस्थल कांदाडोंगर पहाड़ की खुबसूरती व हरियाली गायब हो गई है । विदित हो कि अमलीपदर से वापसी के समय कुछ लोगों से पूछा यह कांदाडोंगर जंगल में लगी आग को कोई वन अधिकारी देखने वाला नहीं तो लोगों का रटा रटाये जवाब था सिन्हा जी ये अधिकारी यहाँ रहेंगे तो जंगल और कांदाडोंगर देवस्थल जंगल की सुरक्षा होगी ? विगत दिनों धवलपुर,नवागढ़ और गरियाबंद परिक्षेत्र के जंगलों में सड़क को छोड़ दो अंदर के जंगल जलकर स्वाहा हो गया है,दो दिन पूर्व तो जोबा उरतुली के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगी थी।सामान्य वन मंडल गरियाबंद के परसूली, छुरा, फिंगेश्वर, राजिम, पाण्डुका परिक्षेत्र के जंगलों में आग से जंगल को काफी नुकसान हुआ है, वन अधिकारियों के मुख्यालय में नहीं होने एवं जंगल का जांच नहीं करने से अवैध कटाई एवं अवैध शिकार के अलावा जंगलों पर बेजा कब्जा धड़ल्ले से हो रहा है जो जॉच का विषय है, यदि ड्यूटी डायरी व लॉक बुक का जाँच किए गए तो ये वन अधिकारी बेनकाब हो जायेंगे ।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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