कंचन की नगरी चांपा में शिव कथा महापुराण का आयोजन, प्रथम और द्वितीय दिवस शिव कथा महात्म्य का विशद वर्णन

न्यूज़ चांपा । श्रद्धैय विष्णुकांत जी महराज श्रीधाम वृन्दावन के पावन सानिध्य में शिवकथा महापुराण एवं रुद्राभिषेक कार्यक्रम नेताजी सुभाषचन्द्र बोस चौक स्थित अग्रसेन , चांपा में चल रहा हैं । कथा के प्रथम दिवस कलश यात्रा के बाद पूज्य महाराज श्री ने शिव कथा महापुराण के महात्म्य का विस्तार से वर्णन किया । आचार्य विष्णु महराज जी ने कहा कि सृष्टि की उत्पत्ति , स्थिति और संहार के देवता देवाधिदेव शिव हैं । शिव अनादि हैं इस संसार में सृष्टि प्रक्रिया के आदिस्रोत हैं और वे महाकाल भी हैं । शिवजी का व्यक्तित्व बहुआयामी हैं, उनके व्यक्तित्व के आंतरिक पक्ष की महात्म्य के माध्यम से कथा करना अति दुष्कर हैं किंतु भगवान शिव में दिव्य स्वरुप होने के कारण कैलाश पति की भक्ति के चरित्र का चांपा नगरवासियों के लिए करने का सौभाग्य मुझे मिला हैं । शिव कथा महापुराण का आयोजन अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन , अंतराष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन , अनंता सिटी तथा पूर्व नपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल द्वारा नयनाभिराम जीवंत झांकियों से प्रतिदिन किया जा रहा हैं । दैनिक समाचार-पत्रों से सम्बद्ध तथा धार्मिक आस्था रखने वाले शशिभूषण सोनी से चर्चा करती हुई समिति की उर्जावान महिला श्रीमती नेहा-अविनाश अग्रवाल ने कहा कि शिव कथा श्रवण के साथ समिति द्वारा नयनाभिराम जीवंत झांकियां, 100 बेलपत्ते के पौधें का सवामणि ,नमो वसुंधरा के तहत पौधारोपण कार्य किया जाना हैं । उन्होंने बताया कि समिति की महिलाओं के द्वारा स्वयं ही जीवंत झांकियां सजाई जाती हैं , जो कि लगातार दो-तीन घंटे तक बिना हिले-डुले मूर्ति के समान खड़ी रहती हैं देखने से ऐसा लगता हैं कि कोई पत्थर की मूर्ति प्रतिष्ठापित हो । प्रतिभागी भगवान शिव के समान अपने हाथ में त्रिशूल , डमरू और शंख भी रखते हैं । वैसे भी त्रिशूल तीन लोक, तीन गुण , तीन नाड़ियों के संतुलन का प्रतीक हैं । डमरू संगीत का जागृति का , उल्लास का तथा शंख मनुष्य को जगाने का प्रतीक हैं । जब मानवीय चेतना सुप्त होने लगती हैं । हताश-निराश और शुष्क होने लगती हैं तब शिव जी डमरू बजाकर ही शंखनाद करते हैं । 

मंगलवार को कथा के द्वितीय दिवस आचार्य ने कहा कि मंगल स्वरुप अमंगलों के विनाशक शिव ही कल्याणकारी हैं – विष्णुकांत महराज ।

शिव कथा महापुराण के द्वितीय दिवस मंगलवार को आचार्य विष्णुकांत महराज श्रीधाम वृंदावन ने कहा कि परम पावन शिव जी ॐ कार वाचक हैं। ॐ कार स्वरूप में शिवलिंग की पूजा-अर्चना की जाती हैं श्रावणमास में भगवान शिवशंकर के पावन नाम का स्मरण मात्र से ही सभी विघ्न, बाधाएं और संकटों से मुक्त होकर मनुष्य परम कल्याण का अधिकारी बन जाता हैं । आज़ मंगलवार हैं मंगल स्वरुप समस्त अमंगल के विनाशक शिवजी ही कल्याणकारी हैं ।

कथा का विस्तारपूर्वक वर्णनात्मक व्याख्या ।

कथावाचक महराज जी ने कहा कि देवराज नाम का एक चरित्रवान ब्राह्मण था । समय विपरीत होने के कारण चरित्र हीनता के गुण उनमें पनपने लगा था । संस्कार से अधर्मी होने से मनुष्य दुराचारी और पापचारी हो जाता हैं । एक समय देवराज भटकते-भटकते शिवालय में जाकर के भगवान भूतनाथ कैलाशपति के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। बाबा भोलेनाथ को श्रद्धा पूर्वक भोग लगाया । भोगी की प्रसादी को पाया और अविनाशी शरीर त्यागने के वक्त देवराज ने शिव भक्ति की । भगवान भूतनाथ कैलाशपति करुणा निधान बाबा ने ऐसे देवराज को अपने परमधाम में निवास दिया । आगे कथावाचक महराजश्री ने बताया कि भटका हुआ मानव मात्र शिव चर्चा करता हैं , शिव-भक्ति करता हैं , तब भगवान् शिवजी उसका कल्याण करते हैंं । व्यास जी ने चंचला बिंदु की कथा श्रवण करते हुए समाज को एक संदेश दिया ।अपने जीवन में हम अपनी संस्कृति को जब याद कर लेंगे, तभी भगवान हमारा कल्याण करते हैं । उन्होंने कहा कि बिंदु एवं चंचला दोनों ही पति-पत्नी संस्कृति विहीन जीवन जी रहे थे परंतु चंचला ने शिवालय में जाकर भगवान शिव की मन से एक बार कथा श्रवण किया । अंततः शिवलोक को प्राप्त हो गया

। भगवान शिव का एक शिवम करोति कल्याणम जो स्वरूप हैं , जो मनुष्य भगवान शिव की शरण में जाता हैं । भगवान उसका कल्याण करते हैं । भूतनाथ कैलाशपति प्रकृति का एक रूप हैं । मानव मात्र यदि प्रकृति से प्रेम करता हैं तब कहीं ना कहीं भगवान शिव से प्रेम करता हैं । इन्हीं शब्दों के साथ पूज्य महाराज जी ने शिव महापुराण के महात्म्य की कथा को विश्राम करते हुए सभी श्रद्धालु भक्तों के साथ कीर्तन-गाते हुए कथा का विश्राम किया ।

कथा श्रवण करने पहुंचे श्रद्धालु भक्त।

अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन चांपा शाखा की अध्यक्ष श्रीमती माधुरी-संजय अग्रवाल, उपाध्यक्ष अंजली-शैलेंद्र अग्रवाल , सचिव खुशबू-अमित अग्रवाल, शाखा कोषाध्यक्ष श्रीमती संगीता-डांक्टर व्ही. के. अग्रवाल , सह-सचिव परिणीता गोयल, समिति सशक्तिकरण प्रमुख श्रीमती सीमा मोदी, बाल विकास प्रमुख हेमलता अग्रवाल , रक्तदान अंगदान प्रमुख श्रीमती विनीता मोदी ,पर्यावरण प्रमुख श्रीमती सुशीला मोदी ,महिला सशक्तिकरण प्रमुख श्रीमती मंजू शर्मा पूर्व पार्षद श्रीमती शशिप्रभा-शशिभूषण सोनी के साथ ही कार्यक्रम की व्यवस्थापिका, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन छत्तीसगढ़ प्रदेश पर्यावरण प्रकल्प प्रमुख एवं अंतर्राष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन संरक्षक एवं अध्यक्ष चांपा शाखा श्रीमति नेहा-अविनाश अग्रवाल के साथ-साथ ही गांव के प्रतिष्ठित जन एवं महिलाएं उपस्थित रही।

सुबह रुद्राभिषेक और सायंकालीन शिव कथा श्रवण।

कथा स्थल अग्रसेन भवन चांपा में प्रतिदिन सुबह-सुबह रुद्राभिषेक और सायंकालीन शिवकथा महापुराण में नगरवासी के साथ दूरदराज से श्रद्धालु भक्त श्रवण करने पहुंच रहे हैं । आरती के बाद सभी ने महराज जी से प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया ।

Sangam Dubey
Author: Sangam Dubey

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