एजेंसी। नई दिल्ली। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा है कि सीबीएसई की परीक्षा, ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं से साबित हो गया है कि प्रधान सक्षम नहीं है और उनकी अक्षमता सबके सामने अब उजागर हो गयी है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि शिक्षा मंत्रालय से जुड़े मामलों की परतें लगातार खुल रही हैं। सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल के लिए चयनित कंपनी सीओईएमपीटी ने साइबर सुरक्षा संबंधी जिन प्रमाणपत्रों को निविदा प्रक्रिया में प्रस्तुत किया था, उनमें गंभीर खामियां थीं। उनका कहना था कि एक प्रमाणपत्र किसी अन्य ग्राहक से संबंधित था और उसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी, जबकि दूसरा केवल अस्थायी एप्लिकेशन के ऑडिट पर आधारित था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इन तथ्यों के बावजूद सीबीएसई ने कंपनी को ऊंची दरों पर ठेका प्रदान किया। पार्टी का कहना है कि फरवरी 2025 में कुछ एथिकल हैकर्स ने पोर्टल की साइबर सुरक्षा में गंभीर कमियों की ओर ध्यान दिलाया था, लेकिन सीबीएसई ने लंबे समय तक इन तथ्यों को स्वीकार नहीं किया।उन्होंने दावा किया कि बाद में सीबीएसई को पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए सीओईएमपीटी के प्लेटफॉर्म का उपयोग बंद कर अपना अलग पोर्टल विकसित करना पड़ा।
शिक्षा मंत्रालय के कामकाज पर सवाल
उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा संचालन, ओएसएम प्रणाली और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही दिखाई होती तो लाखों छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। रमेश ने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रकरण शिक्षा मंत्रालय के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और इससे प्रधान की कार्यशैली तथा क्षमता उजागर हुई है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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