गौ सेवा , गौ पूजन और गाय के दूध से बने खाद्य पदार्थो का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

दिव्य अनुभूति ! हे गौ माता हम नित्य तेरे अनुगामी बने

गाय या भैंस की बछियां जन्म देने के बाद पहला दूध जिसे पीयूष कहा जाता हैं , पोषक तत्वों से हैं भरपूर ।

गाय से बछिया जन्म लेने के बाद पहला दूध जो निकलता हैं , उसे पीयूष या कोलोस्ट्रम कहा जाता हैं,हर दृष्टि कोण से मानव के स्वास्थ्य प्रद हैं । दरअसल यह दूध बड़े ही सौभाग्य से मिलता हैं और स्वास्थ्य के लिए विशेष महत्व का होता हैं क्योंकि इसमें कई पोषक तत्व और एंटीबॉडी होते हैं जो कि नवजात बछिया के लिए आवश्यक होते हुए हैं । साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने बताया कि गौ माता को पौराणिक ग्रंथों में कामधेनु की संज्ञा दिया गया हैं । स्वर्गलोक में निवास करने वाली कामधेनु गाय देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन के समय क्षीरसागर से प्रकट हुई थी । देवताओं ने इसे सप्त ऋषियों को भेंट किया और कालांतर में यह ऋषि वशिष्ट के अधिकार में आ गई । गाय की देह का हर हिस्सा धार्मिक महत्व का हैं । चार पैर चार वेदों के प्रतिक हैं और थन पुरुषार्थ का ! दूध तो अमृत तुल्य पेय हैं । कान ईश प्रतीक हैं , जबकि चेहरा सूर्य-चंद्र का।कंधें अग्नि रुप हैं वही पैर हिमालय पर्वत के प्रतीक हैं । नई ब्याह गाय या भैंस का पहला दूध जिसे पीयूष या फिर खीस कहा जाता हैं अनेक पोषक तत्वों से भरपूर हैं। जैसे कि प्रोटीन , विटामिन मैग्नीशियम और खनिज इसमें समाहित हैं ।

मां के हाथ का स्वाद हर किसी को भाता हैं ।

गाय या भैंस का सर्वप्रथम दूध अमृत तुल्य हैं, पहली दूध अर्थात पीयूष तहसील रोड स्थित कुसुम निवास पर रहने वाली श्रीमति ममता पाण्डेय भाभी जी के यहां से मिला , जिसे ग्राम मुड़पार से कुसुम-कृष्ण कुमार पाण्डेय मां ने खासतौर पर मेरे लिए भेजी हैं । मां का रिश्ता जाति-पाति से दूर हर किसी के लिए खास होती हैं । मां एक अहसास हैं उस प्यार का जिसे सच में शब्दों की जरूरत नहीं होती । मां सिर्फ़ बच्चों की परवरिश ही नहीं करती उनका भावनात्मक विकास कर उन्हें समाज और देश के लिए संस्कारित भी करती हैं । कितना भी लिखूं मेरे शब्द कुमुम पाण्डेय मां के लिए दरअसल मेरी लेखनी जज़्बात में बह जाती हैं । मां ने बड़े प्यार से मेरे लिए पीयूष भेजी हैं । पीयूष में उपस्थित एंटीबॉडी मानव शरीर के साथ बछिया को कई बीमारियों से बचाते हैं और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाते हैं । इसके अलावा पीयूष में उपस्थित पोषक तत्व बछिया के विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक होते हैं । आमतौर पर गाय का पहला दूध यानी कि पीयूष 3 से 5 दिनों तक निकलता हैं और इसके बाद सामान्य दूध निकलने लगता हैं ।

मां बड़ी लेकिन शब्द छोटे ! गौ माता की सेवा में श्रद्धा भाव रखने वाली श्रीमति कुमुस पाण्डेय

शशिभूषण सोनी ने यह भी बताया कि श्रीमति पाण्डेय गौ माता में विशेष श्रद्धा भाव रखती हैं । नियमित रूप से गौ सेवा और गौ माता की पूजन करती हैं । गौ माता के प्रति उनकी भक्ति और सेवा को देखकर एक बार मैंने उनसे कहा कि वे गौं माता से प्रार्थना करे कि हमारी परेशानियां दूर हो जाएं तथा समृद्धि और खुशहाली प्रदान करे । उन्होंने गौ माता से प्रार्थना की और फलस्वरूप हमारी परेशानियां दूर हो गई । माता जी की कृपा से ही सुख शांति विद्यमान हैं । आज़ हम-सब गौ माता की सेवा – सुश्रुवा करते रहते हैं । घर के दरवाजे पर अनेक गाय आती हैं और हमारी अर्द्धांगिनी श्रीमति शशिप्रभा सोनी तथा युवा आलोक कुमार गुड़ और रोटी देते हैं । हम नित्य गौ माता के अनुगामी बने रहे , यही प्रार्थना हैं । आपके चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम ।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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