प्रशासनिक टीम ने किया दंतेवाड़ा के जावंगा एजुकेशन हब का अध्ययन, तेजी से तैयार हो रही कार्ययोजना
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। जिले के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र जगरगुण्डा में अब शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने जा रहा है। यहां अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एजुकेशन सिटी के निर्माण की दिशा में प्रशासन ने ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
यह पहल न केवल जगरगुण्डा, बल्कि आसपास के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और बेहतर भविष्य के नए द्वार खोलेगी।
जावंगा मॉडल से लिया जाएगा मार्गदर्शन
परियोजना को सफल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर द्वारा गठित 8 सदस्यीय प्रशासनिक टीम ने दंतेवाड़ा जिले स्थित जावंगा एजुकेशन सिटी का अध्ययन भ्रमण किया।
टीम ने वहां संचालित विभिन्न संस्थानों जैसे—
आस्था
गुरुकुल
सक्षम
डीएवी स्कूल
आईटीआई
ऑडिटोरियम
मेस
एकलव्य खेल परिसर
कन्या शिक्षा परिसर
का गहन निरीक्षण कर शैक्षणिक, तकनीकी और प्रबंधन व्यवस्था को करीब से समझा।
अधिकारियों ने समझी व्यवस्थाओं की बारीकियां
इस अध्ययन दौरे में सहायक आयुक्त श्री हेमंत सिन्हा, तहसीलदार श्री योपेंद्र पात्रे, कार्यपालन अभियंता श्री हिलोन ध्रुव, श्री रविंद्र ताती, श्री त्रिवेणीकांत गजेंद्र, एसडीओ श्री गौरव सोनकिया, श्री पीके प्रधानी एवं सहायक परियोजना समन्वयक श्री आशीष राम शामिल रहे।
दंतेवाड़ा में एपीसी समग्र शिक्षा के श्री राजेंद्र पांडे ने टीम को जावंगा मॉडल की पूरी कार्यप्रणाली, संसाधन प्रबंधन और सफलता के प्रमुख बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी।
बजट 2026 में हुई थी बड़ी घोषणा
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बजट 2026 में जगरगुण्डा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की घोषणा की थी। अब प्रशासनिक स्तर पर तेज़ी से हो रही तैयारियां इस बात का संकेत हैं कि यह योजना जल्द ही जमीन पर उतरने वाली है।
शिक्षा, कौशल और रोजगार का बनेगा केंद्र
प्रस्तावित एजुकेशन सिटी में विद्यार्थियों को—
✔ गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा
✔ तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण
✔ खेल एवं व्यक्तित्व विकास सुविधाएं
✔ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
एक ही परिसर में उपलब्ध होंगे।
यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित करेगी।
बदलेगी जगरगुण्डा की तस्वीर
एजुकेशन सिटी के निर्माण से जगरगुण्डा अब सिर्फ एक दूरस्थ क्षेत्र नहीं, बल्कि शिक्षा और विकास का उभरता हुआ केंद्र बनेगा। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन और मुख्यधारा से जुड़ाव का सशक्त माध्यम साबित हो सकती है।
जगरगुण्डा में प्रस्तावित एजुकेशन सिटी केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है—जो पूरे बस्तर संभाग में विकास की नई कहानी लिख सकता है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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