जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य जिले में सफलतापूर्वक संपन्न

481 ग्रामों और 50 वार्डों में पूरा हुआ मकानसूचीकरण एवं मकान गणना कार्य

खैरागढ़ // जनगणना 2027 हमारे देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जो केवल आंकड़ों का संकलन नहीं बल्कि भविष्य के भारत, छत्तीसगढ़ राज्य तथा जिला, नगर एवं ग्रामों के समग्र विकास की ठोस नींव तैयार करने का कार्य करेगा। यह प्रक्रिया शासन-प्रशासन को यह समझने में सक्षम बनाती है कि समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास के लाभ किस प्रकार और कितनी प्रभावशीलता से पहुंच रहे हैं तथा भविष्य की योजनाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

भारत की जनगणना 2027 का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में दो चरणों में संपादित किया जा रहा है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य 01 मई 2026 से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 तक सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। द्वितीय चरण (फेज-II) के अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में संपादित किया जाएगा। प्रथम चरण का मकानसूचीकरण कार्य द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी मकान एवं उसमें निवासरत परिवार गणना कार्य से वंचित न रहे।

प्रथम चरण के दौरान जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के सभी ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण किया गया। जिले के कुल 481 ग्रामों एवं 03 नगरीय निकायों के 50 वार्डों में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर प्रत्येक मकान एवं उसमें निवासरत परिवारों से जानकारी एकत्रित की गई। भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के माध्यम से मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी मोबाइल एप के माध्यम से संकलित की गई। संकलित समस्त जानकारी को सुरक्षित रूप से भारत सरकार के सर्वर में संरक्षित किया गया है।

जिले के समस्त तहसीलों, ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रथम चरण का कार्य शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं कुशलतापूर्वक संपादित किया गया। इस दौरान जिले के सभी क्षेत्रों का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित किया गया तथा कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से नहीं छूटा। प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा घर-घर जाकर जानकारी संकलित करने के दौरान जिले के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहयोग प्रदान किया, जिसके कारण यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूर्ण हो सका।

जिला प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनगणना के दौरान नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 तथा जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के अनुसार पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण, विकास योजनाओं के निर्धारण तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किया जाएगा। जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात भारत सरकार द्वारा यथोचित समय पर आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाएगा।

जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 4 तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 481 ग्रामों एवं 3 नगरीय निकायों के 50 वार्डों में संपादित किया गया। इस कार्य के प्रभावी संचालन के लिए जिले में 04 ग्रामीण चार्ज एवं 03 नगरीय चार्ज बनाए गए थे। इन चार्जों के अंतर्गत कुल 813 मकानसूचीकरण गणना ब्लॉक गठित किए गए, जिनके माध्यम से क्षेत्रवार सर्वेक्षण एवं आंकड़ा संकलन की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित किया गया।

इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के सफल संचालन हेतु जिले में कुल 861 अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें 01 प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी, 01 जिला जनगणना अधिकारी, 01 अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, 01 सहायक जनगणना अधिकारी, 07 अन्य अधिकारी-कर्मचारी, 07 चार्ज अधिकारी, 01 जिला मास्टर ट्रेनर, 15 फील्ड ट्रेनर, 696 प्रगणक एवं 117 पर्यवेक्षक शामिल रहे। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर जिला प्रशासन द्वारा जिले के समस्त नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि फरवरी 2027 में आयोजित होने वाले जनगणना 2027 के द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना के दौरान भी जिलेवासी इसी प्रकार सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान को सफल बनाया जा सके।

Deendayal Yadu
Author: Deendayal Yadu

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