देवभोग क्षेत्र में 50 प्रतिशत अनुदान पर अरहर व उड़द के बीज खरीफ सीजन में वैकल्पिक फसल उत्पादन की बढ़ावा में कमी 

राजधानी से जनता तक/चरण सिंह 

गरियाबंद – गरियाबंद जिले में खरीफ सीजन के दौरान दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आत्मनिर्भर दलहन प्रोत्साहन योजना के तहत विकास खण्ड देवभोग के अंतर्गत 53 ग्राम पंचायतों में ऐसे कई किसानें है कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर अरहर एवं उड़द के बीज वितरण किया जा रहा है तो, क्षेत्र में 60% किसान लाभ लेने से काफी पीछे रह गए हैं। ग्रामीण किसानों ने बताया कि शासन-प्रशासन द्वारा हर साल कृषि विभाग को लाखों करोड़ों रुपए की खरीफ सीजन की फसलें दलहन, और उड़द बीज उपलब्ध करा रही है, लेकिन हकीकत देखा जाए तो जमीनी स्तर पर किसानों को दलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों से लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। उक्त ग्रामीण किसानों ने बताया कि जब इन बीजों को वितरण किया जाता है तो कुछ लोगों को जानकारी मिलती है और कुछ लोग जानकारी से अनभिज्ञ होते है, विभाग के कर्मी अपने- अपने परिचित लोगों को जानकारी बता कर शत् प्रतिशत किसानों को वितरण किया गया।कागजी जानकारी भर कर उच्च कार्यालय को भेज दिया जाता है। गांव के लघु किसानों ने बताया कि इस तरह की जानकारी संबंधित ग्राम पंचायत व कर्मचारीयों को अवगत कराने को आदेशित किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे हजारों किसानों को खरीफ सीजन दलहन और उड़द बीज उपलब्ध कराई जाती है, जिससे किसानों को जानकारी प्राप्त होती ,और इस दौरान शासन-प्रशासन द्वारा उपलब्ध दलहन उत्पादन बीज योजना से लाभान्वित होते । कृषि विभाग द्वारा पात्र किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से फसल की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध दलहन और उड़द बीज 75% किसानों को लाभ नहीं मिलता,इसकी जानकारी विभागीय कर्मचारियों को गांव- गांव में ज्यादा प्रचार प्रसार करना चाहिए। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लघु किसान इस योजना से लाभान्वित हो सकें, चुकी लघु किसान गांव में ही आत्मनिर्भर बनाने में निजी पूर्ति हेतु एक दूसरे से आदान-प्रदान होता है। इस लिए अधिकांश लोग शासकीय योजनाओं में रूचि नहीं दिखाई देते, दूसरी बात तो यह है कि इस मामले में किसानों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में सब्सिडी मिलती है, इसकी ज्ञात किसानों को नहीं होता। कृषि विभाग से सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहभागिता निभाने में संबंधित विभाग के कर्मचारियों को जमीनी स्तर पर पहुंच कर किसानों को जानकारी दी जानी चाहिए।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

टॉप स्टोरीज