नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई से 5 देशों के दौरे पर थे। उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से की थी। इसके बाद वे नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे होते हुए इटली पहुंचे और 21 मई की सुबह देश लौट आए। ईरान युद्ध के चलते पैदा हुए हालात को देखते हुए ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण समेत कई पहलुओं से ये यात्रा अहम रही है। आइए जानते हैं इस दौरान क्या-क्या समझौते हुए।
प्रधानमंत्री ने पहले पड़ाव में यूएई में दीर्घकालिक ऊर्जा सहयोग पर विशेष ध्यान दिया। इस दौरान कच्चे तेल की आपूर्ति, एलएनजी साझेदारी, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और ऊर्जा क्षेत्र में भविष्य के निवेश जैसे मुद्दों पर समझौते हुए। भारत अपनी कुल ऊर्जा जरूरत का करीब 85 प्रतिशत आयात करता है। यूएई ने भारत में गैस भंडार बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत और यूएई ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा और साइबर समन्वय में सहयोग का विस्तार किया।
भारत- यूएई के बीच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से जुड़ा समझौता हुआ है। इसके तहत यूएई की अबुधाबी नेशनल ऑइल कंपनी भारत के रणनीतिक तेल भंडारों में 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल भरेगी। इससे भारत का रणनीतिक तेल भंडार 14-15 दिनों का हो जाएगा। समझौते के तहत, 1.37 करोड़ बैरल तेल भारत, जबकि बाकी 1.63 करोड़ बैरल यूएई के फुजैराह में स्टोर किया जाएगा। खास बात है कि यूएई से तेल आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर नहीं है।
भारत और नीदरलैंड ने व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर और हरित हाइड्रोजन को कवर करने वाली एक रणनीतिक रूपरेखा का अनावरण किया है। नीदरलैंड्स की एएसएमएल कंपनी ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ चिप बनाने को लेकर समझौता किया है। कंपनी भारत में प्लांट लगाने और उत्पादन में मदद करेगी। नीदरलैंड भारत को दुर्लभ खनिजों की खोज और खनन के लिए तकनीक प्रदान करेगा। दुर्लभ खनिजों पर चीन का एकाधिकार है। नीदरलैंड गुजरात में खंभात की खाड़ी पर कल्पसार बांध में मदद करेगा।
भारत और स्वीडन ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का ऐलान किया है। दोनों देशों में 6 समझौते हुए हैं और द्विपक्षीय व्यापार को अगले 5 साल में दोगुना करने पर सहमति बनी है। स्वीडन में प्रधानमंत्री मोदी से यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि वे साल के अंत तक भारत और ईयू के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर देंगी।
कोई भारतीय प्रधानमंत्री 43 साल बाद नॉर्वे गया था। इस दौरान दोनों देशों में 12 मुद्दों पर सहयोग की सहमति बनी। नॉर्वे ने हरित रणनीतिक साझेदारी के तहत भारत के स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश का वादा किया है। भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है। इसको पाने के लिए ये समझौता अहम है। नॉर्वे यूरोप का सबसे बड़ा तेल उत्पादक भी है। भविष्य में तेल पर भी सहमति बनने की उम्मीद है।
भारत और इटली ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने का ऐलान किया है। भारत मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक कॉरिडोर को आगे बढ़ाने पर दोनों देश सहमत हुए हैं। भारत और इटली ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 2.24 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश जिम्मेदार और सुरक्षित एआई विकसित करने पर भी साथ काम करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने 50 से ज्यादा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान लगभग 3.50 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश प्रतिबद्धताएं और विस्तार योजनाएं सामने आईं। मोदी को खाद्य सुरक्षा और सतत कृषि में योगदान के लिए एएफओ का एग्रीकोला मेडल प्रदान किया गया। स्वीडन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार’ से सम्मानित किया। नीदरलैंड्स ने चोल राजवंश के समय के ताम्रपत्र भारत को लौटाए।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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