योगेन्द्र राठौर / राजधानी से जनता तक
बिलासपुर। सरकंडा स्थित बाल संप्रेषण गृह में रविवार सुबह हुई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया। ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया। गार्ड के हाथ-पैर बंधे होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई जा रही है। इसी दौरान बाल संप्रेषण गृह से चार किशोरों के फरार होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने बिलासपुर सहित आसपास के जिलों में अलर्ट जारी कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार फरार किशोर गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में बाल संप्रेषण गृह में निरुद्ध थे। पुलिस ने उनकी पहचान कर ली है, लेकिन किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि फरारी की योजना पहले से बनाई गई थी या घटना अचानक हुई। इस बात की भी जांच की जा रही है कि फरारी के दौरान किसी वाहन का इस्तेमाल किया गया या बाहर से किसी ने उनकी मदद की।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर फोरेंसिक विशेषज्ञों ने साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल से मिले हर सबूत की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि पूरी घटना का सही क्रम सामने आ सके।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल ने बताया कि फरार किशोरों की तलाश के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और आसपास के जिलों की पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य प्रमुख स्थानों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि फरार किशोरों का जल्द पता लगाया जा सके।
जांच का सबसे अहम विषय यह है कि सुरक्षा गार्ड की मौत कैसे हुई, उसके हाथ-पैर किसने और कैसे बांधे, वारदात किस समय हुई और चारों किशोर बाल संप्रेषण गृह से बाहर कैसे निकलने में सफल हुए। पुलिस परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की भूमिका, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सीसीटीवी फुटेज की भी गहन जांच कर रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना बाल संप्रेषण गृह जैसी संवेदनशील संस्था की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस स्थान पर कानून के संरक्षण में किशोरों को रखा जाता है, वहां इस तरह की घटना होना प्रशासन और सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि गार्ड की मौत का वास्तविक कारण क्या था, फरारी की पूरी साजिश कैसे रची गई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। फरार किशोरों की तलाश जारी है और अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
(नोट: यह मामला बाल संप्रेषण गृह से जुड़ा है। इसलिए कानून के अनुसार फरार किशोरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।)
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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