नई खाद वितरण नीति के विरोध में किसानों का प्रदर्शन
राजधानी से जनता तक/आरंग भैंसा, खोरसी, सेजा, भण्डारपुरी एवं देवरतिल्दा की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में किसानों ने नई खाद वितरण नीति के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए समिति प्रबंधकों को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने सरकार की नई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए पूर्व में लागू खाद वितरण अनुपात को पुनः बहाल करने की मांग की।
किसानों का कहना है कि वर्तमान वितरण व्यवस्था के कारण उन्हें आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे खेती-किसानी प्रभावित होने लगी है। किसानों ने आरोप लगाया कि नई नीति छोटे और मध्यम वर्गीय किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों ने एकमत होकर खाद वितरण का बहिष्कार किया तथा संकल्प लिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे खाद का उठाव नहीं करेंगे। किसानों ने सरकार से जल्द से जल्द किसान हित में निर्णय लेने की मांग की।
मण्डल अध्यक्ष प्रकाश मारकंडेय ने कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से समझना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खेती का समय चल रहा है और ऐसे समय में खाद की कमी किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। सरकार को खाद की मात्रा बढ़ाकर पूर्व व्यवस्था के अनुसार वितरण सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसानों का आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और सरकार के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की।
Author: ISHWAR NAURANGE
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