शहर में ड्रिंक एंड ड्राइव पर शिकंजा, नशे में युवती का हंगामा

राजधानी से जनता तक/ योगेन्द्र राठौर

बिलासपुर।शहर में बढ़ते सड़क हादसों और नशे में वाहन चलाने वालों पर लगाम कसने के लिए सिविल लाइन पुलिस ने मंगलवार रात राजीव गांधी चौक पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया। थानेदार की मौजूदगी में चल रही इस कार्रवाई के दौरान बिना नंबर प्लेट और ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही थी।

इसी दौरान रात करीब 10:30 बजे महाराणा प्रताप चौक की ओर से आ रही एक युवती, जो होंडा एक्टिवा (CG10BQ9515) चला रही थी, पुलिस जांच से बचने की कोशिश में तेजी से आगे बढ़ी, लेकिन कुछ दूरी पर ही अनियंत्रित होकर गिर गई। मौके पर पहुंची महिला पुलिसकर्मियों ने जब उसे संभाला, तो उसके नशे में होने का संदेह हुआ।

जांच के दौरान युवती ने पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट से बचने की कोशिश की, लेकिन दबाव बनाने पर मशीन में 140 का रीडिंग सामने आया। पुलिस के अनुसार, यदि सही प्रक्रिया से युवती टेस्ट करवाने में सहयोग करती तो यह आंकड़ा और अधिक हो सकता था।

नशे में धुत युवती ने इसके बाद पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया और लगातार अपशब्द कहती रही। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने तत्काल मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान भी युवती का रवैया आक्रामक बना रहा और वह पुलिस व मीडियाकर्मियों से उलझती रही।

पूछताछ में युवती ने बताया कि उसका बॉयफ्रेंड नारकोटिक्स मामले में जेल में है, जिसके कारण वह तनाव में शराब का सेवन कर रही थी। उसने पुलिस से कहा—“जो करना है कर लो, ज्यादा से ज्यादा जेल भेजोगे या फांसी दोगे।”

सिविल लाइन पुलिस ने एक्टिवा को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की। हालांकि बाद में युवती को छोड़ दिया गया, लेकिन जाते-जाते भी उसने पुलिसकर्मियों को गालियां देते हुए वहां से प्रस्थान किया।

एसपी रजनेश सिंह का सख्त संदेश

बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर में ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ लगातार सघन अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे में वाहन चलाना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि यह सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ है।

एसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस की सख्ती से मिला स्पष्ट संदेश

सिविल लाइन पुलिस की यह कार्रवाई साफ दर्शाती है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। थानेदार की सक्रियता और मौके पर त्वरित निर्णय ने यह साबित किया कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।

युवापीढ़ी के लिए चेतावनी और जागरूकता की जरूरत

यह घटना केवल एक कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर संकेत है। आज की युवापीढ़ी में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति न केवल उनके भविष्य को खतरे में डाल रही है, बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रही है।

एसपी रजनेश सिंह ने युवाओं से अपील की है कि वे क्षणिक आवेग या तनाव में आकर ऐसे कदम न उठाएं जो उनके जीवन और करियर पर स्थायी दाग छोड़ दें। नशे में ड्राइविंग एक गलती नहीं, बल्कि संभावित अपराध है—जो किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है।

जरूरत इस बात की है कि युवा अपनी जिम्मेदारियों को समझें, परिवार सतर्क रहे और समाज मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाए। कानून का डर जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है आत्मसंयम और जिम्मेदारी का भाव।

(निष्कर्ष)

सिविल लाइन पुलिस की ताबातोड़ कार्रवाई और एसपी रजनेश सिंह के सख्त निर्देशों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब “नशे में ड्राइव” करने वालों के लिए शहर में कोई जगह नहीं—कानून का डंडा हर हाल में चलेगा।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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