रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए।
महापौर मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर और आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर अपर आयुक्त स्वास्थ्य विनोद पाण्डेय ने निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन में बैठक लेकर सभी 70 वार्डों की तैयारियों की गहन समीक्षा की।
बैठक में अपर आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शहर में कहीं भी गंदगी या कचरा मिलने पर जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर वार्ड में नियमित सफाई अभियान चलाना अनिवार्य होगा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। योगेश कडु ने जानकारी दी कि नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत घर-घर जाकर लोगों को चार डिब्बों में कचरा अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा—गीला (हरा), सूखा (नीला), सेनेटरी (लाल) और विशेष कचरा (काला)।
अपर आयुक्त ने सभी जोन के कार्यपालन अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे जोन कमिश्नरों के मार्गदर्शन में हर वार्ड में स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर अभियान तेज करें और नागरिकों से संवाद स्थापित कर नगर निगम की सेवाओं को बेहतर बनाएं। साथ ही, पार्कों में फाउंटेन चालू रखने, सड़कों पर स्ट्रीट लाइट दुरुस्त रखने और अन्य जनसुविधाओं को व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही, सभी जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उपअभियंता, स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक और वार्ड प्रभारी सहित बड़ी संख्या में निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में रायपुर को शीर्ष स्थान दिलाने के लिए प्रशासन और नागरिकों की संयुक्त भागीदारी ही सफलता की कुंजी होगी।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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