चैत्र नवरात्र के चौथे दिवस की सुबह और शाम के आरती के वक्त मां बागेश्वरी माता के समकक्ष प्रकट हुए नाग देव – कुदरगढ़ धाम।

कुदरगढ़ धाम में मां बागेश्वरी देवी के सामने नाग देवता का प्रकट होना एक अत्यंत शुभ और दिव्य संकेत।
सुबह और शाम की आरती के समय नाग देवता का दर्शन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
मोहन प्रताप सिंह
दैनिक राजधानी से जनता तक. सूरजपुर/:– कुदरगढ़ धाम में चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन सुबह की प्रथम और शाम की आरती के दौरान मां बागेश्वरी के समक्ष नाग देवता के प्रकट होने की जानकारी प्राप्त हुई है जो सूरजपुर जिले में स्थित है, मां बागेश्वरी देवी का प्रमुख मंदिर, नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है।
नाग देव का प्रकट होना माना जा रहा है शुभ और दिव्य संकेत
कुदरगढ़ धाम में मां बागेश्वरी देवी के सामने नाग देवता का प्रकट होना एक अत्यंत शुभ और दिव्य संकेत माना जाता है। हिंदू धर्म में नागों को देवताओं का सेवक और शिव के आभूषण के रूप में देखा जाता है। जब कोई नाग मंदिर में विशेष रूप से पूजा के समय दिखाई देता है, तो इसे देवी की कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।
नाग देवता का दर्शन भक्तों के लिए रखता है विशेष महत्व
सुबह और शाम की आरती के समय नाग देवता का दर्शन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह घटना दर्शाती है कि यह स्थान अत्यंत शक्तिशाली और सिद्ध स्थानों में से एक है। स्थानीय श्रद्धालु और पुजारी इसे देवी की कृपा मानकर इसे शुभ संकेत मान रहे हैं। ऐसे अलौकिक दर्शन भक्तों की श्रद्धा को और अधिक गहरा करते हैं और यह संकेत देता है कि देवी मां अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसा रही हैं।
मां बागेश्वरी माता समकक्ष  सुबह और शाम को आरती के वक्त नाग देव की प्रकट होने की जानकारी कुदरगढ़ धाम लोक न्यास ट्रस्ट के आजीवन सदस्य और हर समय मां और भक्तों के सेवा में उपस्थित रहने वाले शशांक प्रताप सिंह के द्वारा मीडिया को फोन के माध्यम से जानकारी साझा किया गया।