भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की 100 वीं जयंती डूमरबाहाल में मनाई गई सुशासन दिवस

राजधानी से जनता तक । गरियाबंद । जिला संवाददाता-चरण सिंह क्षेत्रपाल । आज देवभोग विकास खण्ड के ग्राम डूमरबाहाल में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जन्म दिवस समस्त ग्रामवासियों ने हर्षोल्लास से मनाया। आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का जन्म दिन है इसीलिए आज सुशासन दिवस के 3 बार प्रधानमंत्री रहे हैं स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का जन्म 25 दिसम्बर को हुआ था।

अटल बिहारी वाजपेई का जीवन शैली और शिक्षा

अटल बिहारी वाजपेई का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था,वे पत्रकार बनना चाहते थे। धीरे-धीरे राजनीतिक में पैर रखें और जन सेवा में खूब रूची रखें। उन्होंने डीएवी कॉलेज में लां की पढ़ाई पूरी कर आर एस एस में जुड़े।

भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का भाषण में खासियत

बाजपेई जहां जहां कार्यक्रम होते थे वहीं जाकर लाखों लोगों को अपने भाषण से मन को दहला देते थे, उनके भाषण में मधुर व मृदुभाषी में बोला क्या करते थे।वे वक्तव्य कला के कुशल नेतृत्व में प्रसिद्ध थे।

राजनीति में योगदान

वाजपेई एक आदर्श राजनेता में बहुत ही कुशल नेतृत्व वाले सम्पन्न व्यक्ति थे।जब वाजपेई प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने 26 राजनीतिक दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी। और वह तीन बार भारत देश के प्रधानमंत्री बनें। आज इस खुशी पर डूमरबाहाल में 25 दिसम्बर 2024 दिन बुधवार को समस्त ग्रामवासियों द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जन्म दिवस पर सुशासन दिवस मनाया गया। उक्त कार्यक्रम में गांव के सभी माता बहनें, बुजुर्ग व युवा वर्ग भी शामिल हुए।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  

टॉप स्टोरीज