डॉट्स पद्धति से 6 माह के उपचार के बाद मरीज टीबी मुक्त

स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड स्टाफ से परिणाम साझा कर मरीजों को इलाज पूरा करने के लिए प्रेरित करने की अपील की

जिला प्रमुख नवीन दांदडें 

सुकमा – राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत डॉट्स (DOTS) पद्धति से छह माह तक नियमित उपचार के बाद टीबी मरीजों के पूरी तरह टीबी मुक्त होने के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि समय पर पहचान और पूरा इलाज करने से टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने इस सफल परिणाम को अपने फील्ड स्तर पर साझा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि समुदाय में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़े और मरीजों को इलाज बीच में न छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा सके। विभाग का कहना है कि अधिकांश मामलों में इलाज अधूरा छोड़ने से बीमारी दोबारा उभरती है और दवा प्रतिरोध (DR-TB) का खतरा बढ़ जाता है।

अधिकारियों ने फील्ड स्टाफ, आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों से अपील की है कि वे इस सफलता को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर टीबी मरीजों और उनके परिजनों को पूरे छह माह तक दवाएं नियमित रूप से लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

स्वास्थ्य विभाग ने पुनः दोहराया कि नियमित उपचार, पोषण सहयोग और समय पर जांच से टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है और सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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