जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा।रमेश यादव/जिला प्रवक्ता, भाजपा
ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी द्वारा महिला आरक्षण को लेकर भाजपा पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं। जनता को सच्चाई जानना जरूरी है:
1. कांग्रेस ने 20 सितंबर 2023 को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के पक्ष में वोट दिया, ये सच है। विवाद वोट पर नहीं, ‘लागू कब होगा’ इस पर है।
2. मोदी सरकार जनगणना-परिसीमन की शर्त हटाकर महिला आरक्षण तुरंत लागू करने के लिए संविधान संशोधन बिल लाई थी। कांग्रेस समेत विपक्ष के असहयोग से दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण बिल गिर गया। सीट 850 की बात अलग नहीं है — परिसीमन 2026 में होना ही है, जो 2001 में अटल सरकार ने तय किया था ताकि जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों को दंड न मिले।
3. नई जनगणना + जातीय जनगणना अभी शुरू ही हुई है, पूरी होने में 2027 तक लगेगा। 2024 के लोकसभा चुनाव 2011 के आंकड़ों पर ही हुए थे। संविधान कहता है कि परिसीमन पिछली प्रकाशित जनगणना पर होगा। 2026 में जो परिसीमन होगा वो 2011 पर ही होगा, क्योंकि 2021 की जनगणना के आंकड़े सरकार के पास हैं ही नहीं। ये नियम BJP ने नहीं बनाया, संविधान में पहले से है।
4. अनुच्छेद 81, 82 के तहत बिना परिसीमन के सीट रिजर्व नहीं हो सकती। संशोधन जरूरी था, जिसे विपक्ष ने गिरा दिया।
पंचायत में आरक्षण 1993 में कांग्रेस सरकार की देन है, भाजपा इसका श्रेय नहीं लेती। लेकिन लोकसभा में महिला आरक्षण का बिल 2010 में UPA ने राज्यसभा से पास कराकर 4 साल लोकसभा में दबाए रखा। मोदी सरकार ने 2023 में दोनों सदनों से पास करा दिया।
5 2010 का बिल लोकसभा में किसने रोका? और 16 अप्रैल को तुरंत आरक्षण लागू करने का बिल किसने गिराया? मंशा साफ है तो अड़ंगा कौन लगा रहा है, जनता देख रही है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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