जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा, 24 अप्रैल 2026। जिले में लाल मिट्टी (लोहा कचरा) के परिवहन और पाइपलाइन विस्तार को लेकर अब विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। इस संबंध में बस्तरिया राज मोर्चा जिला समिति सुकमा की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जिले में बड़े पैमाने पर लाल मिट्टी परिवहन की तैयारी चल रही है, जिससे निजी जमीनों पर अवैध डंपिंग और पर्यावरण प्रदूषण की आशंका बढ़ रही है। खासकर शबरी नदी के जल पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा उत्पन्न होने की संभावना जताई गई है।
मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से एक कंपनी द्वारा शबरी नदी के पानी का उपयोग पाइपलाइन के माध्यम से किया जा रहा है, जिसके एवज में प्रभावित गांवों के विकास के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये दिए जाने का प्रावधान था। इसमें सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास शामिल था। लेकिन बीते लगभग दो दशकों में इन शर्तों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
ज्ञापन में आगे कहा गया है कि अब पाइपलाइन विस्तार कर किरंदुल से विशाखापट्टनम तक पानी ले जाने की तैयारी हो रही है, जो भविष्य में सुकमा जिले के लिए जल संकट का कारण बन सकती है। इसलिए पूर्व में हुए अनुबंधों का पालन सुनिश्चित किए बिना किसी भी नए विस्तार कार्य को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
बस्तरिया राज मोर्चा ने जनहित का हवाला देते हुए लाल मिट्टी परिवहन और पाइपलाइन विस्तार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही कलेक्टर से आग्रह किया गया है कि जिलेवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन पर मोर्चा की जिला प्रभारी रामा सोढ़ी के हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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