बेमेतरा 17 मई 2026 / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज बेमेतरा में शासन की विभिन्न महत्वाकांक्षी और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या प्रशासनिक जटिलताओं के कारण लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई एवं एसएसपी रामकृष्ण साहू सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे |
बैठक में पात्रता और पारदर्शिता : पर जोर
राज्यपाल ने निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। सर्वे और चयन की प्रक्रिया को इतना सुदृढ़ बनाया जाए कि वास्तविक जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिले।
जन-जागरूकता पर जोर
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि कई बार ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में लोगों को योजनाओं की सही जानकारी नहीं होती। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं। जिससे ग्रामीण जनों को योजनाओ का लाभ मिल सकें।
राज्यपाल का संदेश
बैठक के समापन पर राज्यपाल ने कहा कि सभी अधिकारी शिद्दत के साथ मानवीय संवेदना को अपने जीवन में विशेष जगह देवें। उन्होंने कहा कि समाज में वंचित और जरूरतमंद लोगों की सेवा करें। उन्होंने कहा कि सीनियर सिटीजन के साथ समय बिताए और उनका ख्याल रखें। जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा अध्ययन में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक सोच को जगह देवें। जन कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करते हुए हितग्राहियों को लाभांवित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं में केवल आंकड़े पूरा करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि आम जन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को टीम भावना के साथ काम करने और सेवा भाव को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा दिए गए ये निर्देश राज्य के समग्र विकास, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके इस विज़न को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने निर्देशित किया।
महिला आजीविका संवर्धन पर जोर
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रणनीतिक बनाने कहा। स्वयं सहायता समूह का सुदृढ़ीकरण करने कहा। बिहान’ या स्थानीय आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को जोड़कर उन्हें बैंक लिंकेज और कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करा कर आर्थिक स्वावलंबन बनाने कहा गया।
युवाओं का करें कौशल विकास
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने पारंपरिक कार्यों से हटकर महिलाओं/युवाओ का कौशल उन्नयन करने कहा। डिजिटल साक्षरता, वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण पर जोर दिया। युवाओं के हुनर को तराश कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने कहा गया। उन्होंने युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला बनाने पर ध्यान देना कहा।
स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा : राज्यपाल श्री रमेन डेका ने युवाओं को ‘मुद्रा योजना’ या राज्य की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत आसानी से लोन दिलाने और उन्हें मेंटरशिप प्रदान करने निर्देशित किया।कौशल प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को स्थानीय उद्योगों में रोजगार के अवसर दिलाने के लिए जिला स्तर पर ‘रोजगार मेलों’ का नियमित आयोजनकरने भी कहा।
सड़क सुरक्षा पर ज़ोर
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और कीमती जानों को बचाने के लिए एक ‘थ्री-ई’ जिला प्रशासन को ठोस पहल करने निर्देशित किया। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटना एक बहुत बड़ी गंभीर समस्या है। उन्होंने सड़क दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। जिन जगहों पर बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं, वहां सड़कों का सुधार, साइनबोर्ड लगाना और स्पीड ब्रेकर दुरुस्त करने कहा गया। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने और ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के तुरंत बाद का समय) में मदद करने के लिए ‘गुड सेमरीटन’ (नेक फरिश्ते) नीति का प्रचार करने निर्देशित किया।
टीबी उन्मूलन पर विशेष कार्ययोजना बनाएं
भारत सरकार के 2025-2026 तक टीबी मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए माइक्रो-प्लानिंग की जरूरत बताया । ग्रामीण, आदिवासी और मलिन बस्तियों में घर-घर जाकर टीबी के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान करने कहा गया। टीबी मरीजों को इलाज साथ ही, समाज के संपन्न लोगों और अधिकारियों को ‘निक्षय मित्र’ बनाकर मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने कहा गया, ताकि उन्हें अतिरिक्त पोषण मिल सके।
जल संचयन पर कार्ययोजना बनाएं
जल संचयन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाने निर्देशित किया। बढ़ती गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए इन पारंपरिक और आधुनिक उपायों पर प्रभावी काम करना समय की मांग बताया।
राज्यपाल श्री रमेन डेका डबरी निर्माण, छोटे आकार के तालाब बनाकर जल संचयन करने निर्देशित किया। सभी शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग बनाने कहा गया। जल संचयन के लिए आम नागरिकों को प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि बरसाती नालों में पानी का बहाव तेज होता है, जिससे पानी बिना रुके आगे बह जाता है और मिट्टी का कटाव भी होता है। नाला रिचार्ज के तहत इन नालों में ‘चेक डैम’ (छोटे बांध) या ‘गैबियन संरचनाएं’ बनाने कहा। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर यह केंद्र और राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत प्रत्येक जिले में भव्य और बड़े तालाबों (अमृत सरोवर) का निर्माण या पुनरुद्धार किया जा रहा है। इस क्षेत्र में कार्य करने निर्देशित किया।
विद्यार्थियों में योगाभ्यास, खेलकूद, एन सी सी की भावना जागृत करें
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उच्च शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। राज्यपाल ने शिक्षाविदों, विश्वविद्यालय के कुलपतियों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उनमें योगाभ्यास, खेलकूद और एन.सी.सी. (NCC) के प्रति रुचि और भावना जागृत करना अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और पढ़ाई के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों के जीवन में योग का होना जरूरी है। नियमित योगाभ्यास से विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ती है और वे मानसिक रूप से सुदृढ़ बनते हैं।
खेलकूद से टीम भावना का विकास :
उन्होंने कहा कि खेल मैदान सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि अनुशासन, लीडरशिप और टीम भावना ,सीखने की सबसे अच्छी जगह हैं। उन्होंने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक दायित्व और कड़े अनुशासन की भावना फूंकने के लिए रएन.सी.सी. और एन.एस.एस. के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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