जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा में सुशासन तिहार के तहत प्रशासनिक व्यवस्थाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की पहल अब असर दिखाने लगी है। सोमवार को ग्राम पंचायत झापरा में आयोजित सुशासन शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का केंद्र बन गया, जहां मौके पर ही समस्याओं का समाधान कर 35 महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र और राजस्व दस्तावेज वितरित किए गए।
कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं, आवेदन प्रक्रियाओं और सरकारी सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं, जिनका त्वरित निराकरण किया गया।
मौके पर मिला समाधान, ग्रामीणों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
शिविर में तहसीलदार गिरीश निम्बालकर की मौजूदगी में प्रशासनिक कार्यवाही तेज़ी से पूरी की गई। सरपंच मुन्नी मड़कामी एवं उपसरपंच प्रवीण बारसे की उपस्थिति में पात्र हितग्राहियों को 08 जाति प्रमाण पत्र, 12 निवास प्रमाण पत्र, 08 किसान किताब और 02 नामांतरण आदेश वितरित किए गए।
लंबे समय से दस्तावेजों के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे ग्रामीणों को जब मौके पर ही प्रमाण पत्र मिले, तो उनके चेहरों पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं के लिए जाति एवं निवास प्रमाण पत्र का वितरण बड़ी राहत साबित हुआ।
डिजिटल खेती की ओर बढ़े कदम, किसानों का हुआ एग्रीस्टैक पंजीयन
शिविर की सबसे खास उपलब्धियों में किसानों को डिजिटल कृषि व्यवस्था से जोड़ना रहा। प्रशासन द्वारा 05 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन किया गया। इससे किसानों को भविष्य में डिजिटल कृषि सेवाओं, योजनाओं की पारदर्शी जानकारी और सरकारी लाभ सीधे प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार गांव में ही इतनी तेजी से समस्याओं का समाधान हुआ है। सुशासन तिहार के माध्यम से जिला प्रशासन लगातार यह संदेश देने में सफल हो रहा है कि शासन अब ग्रामीणों के द्वार तक पहुंच चुका है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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