राजधानी से जनता तक/चरण सिंह क्षेत्रपाल
देवभोग – सरकारी दफ्तरों में अक्सर दीवारों पर बड़े-बड़े नारे लिखे दिखाई देते हैं, स्वच्छता ही सेवा है, स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, स्वच्छ परिसर बेहतर व्यवस्था, लेकिन गरियाबंद जिले के देवभोग तहसील कार्यालय परिसर में पहुंचते ही यह एहसास हो जाता है कि कुछ नारे केवल दीवारों के लिए होते हैं, जमीन के लिए नहीं,देवभोग तहसील कार्यालय परिसर की स्थिति इन दिनों इतनी बदहाल हो चुकी है कि लोग उसके आस-पास गुजरने में भी कतराने लगे हैं।

दफ्तर में आवेदन देने आए किसान गंदगी से सांस लेते दिनभर मजबूर
रोजाना सैकड़ों ग्रामीण, महिला, बुजुर्ग और फरियादी विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए तहसील और अन्य शासकीय दफ्तर को पहुंचते हैं, लेकिन यहां पहुंचने वाले सबसे पहले सामना व्यवस्था से नहीं बल्कि परिसर में फैली हुई गंदगियों से सामना करते हैं। कई लोग देखकर इतना घबरा जाते हैं, और मुंह में टावेल को बांधकर परिसर में खड़े रहते है। विडंबना यह है कि जहां से पूरे क्षेत्र प्रशासनिक आदेश निकलते हैं, वहीं परिसर में बुनियादी स्वच्छता व्यवस्था दम तोड़ती अजर आ रही है।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी
इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है, कि तहसील कार्यालय परिसर में फैली गंदगी को देख भड़के अजजा मोर्चा कांदा डोगर परिक्षेत्र देवभोग अध्यक्ष धनसिगं मरकाम व सर्व आदिवासी समाज वरिष्ठ समाजसेवी ने देखकर कड़ा विरोध करते हुए उन्होंने लिखित रूप से लेटर पैड में प्रशासनिक परिसर में इस तरह की बदहाली स्थिति भी दृष्टिकोण से स्वीकार्य नहीं है, दूर दराज से आने वाले ग्रामीणों को शासकीय दफ्तरों में शुद्ध सांस लेने में दिक्कत होती है। इस कचड़ा गंदगी की वजह से मच्छर ग्रामीणों को शांत भाव से बैठने नहीं देता, ग्रामीण मच्छरों के प्रकोप से ज्यादा परेशान हो जाते है। धनसिगं मरकाम का कहना है कि दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों को शासकीय दफ्तरों में ज्यादा मच्छर के काटते हैं तो उसी दोहरी मार से झेलने में मजबूर हो जाते हैं। और दूसरी बात तो यह है ग्रामीण किसानों का कार्य बहुत धीमी गति से हो रहा है। ग्रामीण किसान एक काम के लिए तहसील कार्यालय में हजारों चक्कर लगाते है, फिर भी उनका समस्या का समाधान नहीं हो पाता। गरीब किसान दिनभर भूखे-प्यासे रहकर आफिस में खड़े रहते हैं। अधिकारी व कर्मचारी एक छोटी सी समस्या को एक महिना भर कार्यालय में चक्कर लगाने में मजबूर कर देते है। इस तरह की कामकाजी से नाराज़ धनसिगं मरकाम ने लिखित रूप से लेटर पैड में प्रशासनिक अधिकारी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है।अब ये देखना होगा कि अजजा मोर्चा अध्यक्ष धनसिगं मरकाम के द्वारा कार्यालयों में गंदगियों को लेकर नाराजगी जताते हुए उन्होंने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखें जाने हेतु आवेदन पत्र तहसील कार्यालय में संप्रेषित किया गया है। क्या इसका कोई असर दिखाई देगी विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों को या अफसर आंख बंद करके चुपचाप कुर्सी में आराम फरमाते नजर दिखाई देंगी। कुछ ही दिनों व समय बाद ही इसका सकारात्मक परिणाम मिलता नजर दिखाई देंगे। साथ में झाखरपारा मण्डल अध्यक्ष भगवानों बेहरा भी तहसील कार्यालय में जमा हुआ कूड़ा कच्चरा को देखते हुए उन्होंने भी काफी नाराजगी जताई है, उन्होंने कहा कि जब तहसील मुख्यालय में इस तरह की प्रशासन की लापरवाही तो छोटे छोटे शासकीय दफ्तरों की स्थिति और कैसी होगी। उच्च कार्यालय में गंदगियों का अंबार है तो निम्न स्तर के दफ्तर में गंदगियों का फसरा होगा। झाखरपारा मण्डल अध्यक्ष भगवानों बेहरा 15/07/2026 , दिन बुधवार को तहसील मुख्यालय पर जब पहुंचे तो वहां सबसे पहले कार्यालय दफ्तर पर नजर डालें तो इतना कूड़ा खच्चरा पड़ा था कि वह देखकर काफी नाराजगी जताई। इस संबंध में चर्चा करने तहसील कार्यालय परिसर पहुंचे तो वहां जिम्मेदार अफसर लंच पर छूमंतर हो गये थे। इस तरह की गंदगियों को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि, किसान, जिला / मंडल,व पक्ष, विपक्ष के पदाधिकारी काफी नाराजगी जताई है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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