दलित कोटवार का आरोप जाति के कारण गांव से बहिष्कृत किया, पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री निवास के सामने परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी

राजधानी से जनता तक/ चरण सिंह क्षेत्रपाल

गरियाबंद – महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पाटनदादर के कोटवार एवं अनुसूचित जाति (गांडा) समुदाय के सदस्य भागीरथी चौहान ने गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों पर जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार, धमकी और संविधान प्रदत्त अधिकारों के हनन का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक महासमुंद, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर, राज्य अनुसूचित जाति आयोग, थाना सांकरा, पुलिस के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल तथा व्हाट्सएप माध्यम से भी की गई है।भागीरथी चौहान ने अपनी शिकायत में बताया है कि जुलाई 2024 में ग्राम पाटनदादर में आयोजित हरी नाम कीर्तन यज्ञ के दौरान गांव के लोग चंदा एकत्र कर रहे थे। उन्होंने भी धार्मिक आयोजन में सहयोग स्वरूप 1000 रुपये नकद एवं पांच किलो चावल देने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि गांव के नरेश साहू पिता कुंजराम साहू, दुर्योधन साहू पिता वासुदेव साहू, हराधन साहू पिता धोबा साहू, कृष्ण कुमार नायक पिता सुरेन्द्र नायक, दुष्टि पिता अमरनाथ, रंजीत साहू पिता चंद्रसीखो साहू, पुस्तम नायक पिता अरखित नायक तथा प्रमोद साहू पिता बिहारी साहू ने एकमत होकर उनका सहयोग लेने से इनकार कर दिया।शिकायत के अनुसार उक्त लोगों ने उन्हें उनकी जाति को लेकर अपमानित करते हुए कहा कि वे गांडा जाति के निम्न व्यक्ति हैं और उनके द्वारा दिए गए पैसे एवं चावल का उपयोग करने से उनका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा। आरोप है कि उन्हें यह भी कहा गया कि वे केवल कोटवार हैं और अपनी औकात में रहें। भागीरथी चौहान का कहना है कि जब उन्होंने कहा कि संविधान और कानून के तहत जातिगत भेदभाव समाप्त हो चुका है तथा वे भी गांव के अन्य लोगों की तरह धार्मिक आयोजन में सहयोग देना चाहते हैं, तब उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद गांव के कुछ लोगों ने खाप पंचायत जैसी व्यवस्था बनाकर उन्हें, उनके परिवार तथा उनके समाज के लोगों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। गांव में उनके घर आने-जाने, बातचीत करने अथवा मजदूरी करने वालों पर भी दबाव बनाया जाने लगा। शिकायत में उल्लेख है कि उनके समाज के एक व्यक्ति कृष्ण कुमार चौहान से गांव में पुनः शामिल करने के नाम पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला गया। वहीं उनके मकान निर्माण कार्य में मजदूरी करने पहुंचे देवकुमार नामक मजदूर को 1100 रुपये का जुर्माना लगाकर वापस लौटा दिया गया।भागीरथी चौहान ने आरोप लगाया है कि वे पिछले कई महीनों से थाना सांकरा में लगातार शिकायतें दे रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ गए हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि 5 जून 2026 को पंचायत भवन के सामने आरोपियों ने फिर से उन्हें धमकाया और कहा कि उन्हें कोटवार पद से हटवाकर ही चैन से बैठेंगे। पीड़ित ने इसे अपनी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए गंभीर खतरा बताया है।मामले को लेकर भागीरथी चौहान ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग से हस्तक्षेप की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे अपनी पत्नी और बच्चों सहित मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और दोषी व्यक्तियों की होगी। मामला अब राज्य अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंच चुका है। शिकायत के बाद प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है

यह भी पढ़ें

[democracy id="1"]
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  

टॉप स्टोरीज