कामचोर, टिप्पणी पर भड़के कर्मचारी, नगर पंचायत में कामबंद हड़ताल…..

उपाध्यक्ष रामफल पैकरा की व्हाट्सऐप टिप्पणी से गरमाया माहौल, कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे कर्मचारी।
मोहन प्रताप सिंह
राजधानी से जनता तक, सूरजपुर/भटगांव:– नगर पंचायत भटगांव में जनप्रतिनिधि और कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सड़क पर आ गया है। नगर पंचायत उपाध्यक्ष रामफल पैकरा की कथित टिप्पणी से नाराज नगर पंचायत के समस्त कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारी कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए, जिससे नगर पंचायत का कामकाज प्रभावित होने लगा है।
व्हाट्सऐप ग्रुप में टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत रविवार रात नगर पंचायत के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप Public Service NP Bhatgaon में उपाध्यक्ष रामफल पैकरा के संदेश के बाद हुई। बताया जा रहा है कि उन्होंने सीएमओ को संबोधित संदेश में वार्ड क्रमांक 2 में पानी की समस्या का उल्लेख करते हुए ड्राइवरों पर फोन नहीं उठाने और मनमानी करने का आरोप लगाया। इसी संदेश के अंत में कर्मचारियों को लेकर कथित तौर पर कामचोर शब्द का इस्तेमाल किया गया।
सामूहिक अपमान से भड़का कर्मचारियों का आक्रोश
उपाध्यक्ष की इस टिप्पणी से कर्मचारी नाराज हो गए। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि नगर की मूलभूत सुविधाओं को सुचारू रखने के लिए वे विपरीत परिस्थितियों में भी लगातार काम करते हैं। ऐसे में पूरे कर्मचारी वर्ग को एक साथ ‘कामचोर’ कहना उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे टिप्पणी वापस लेने और सार्वजनिक अथवा लिखित रूप से माफी मांगने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, कामबंद आंदोलन जारी रहेगा।
पानी, सफाई और कार्यालयीन कामकाज पर पड़ने लगा असर
कर्मचारियों के काम बंद करने से नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था, पानी के टैंकरों का संचालन और विभिन्न कार्यालयीन कार्य प्रभावित होने लगे हैं। यदि जनप्रतिनिधि और कर्मचारियों के बीच यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ सकता है।
खासकर पेयजल और स्वच्छता जैसी जरूरी सेवाओं के प्रभावित होने से आने वाले दिनों में नगरवासियों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।
धरने से बढ़ा तनाव, समाधान की कोशिश जारी
नगर पंचायत कार्यालय के सामने कर्मचारियों के धरने के चलते मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों को समझाने और विवाद को शांत कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों पक्ष बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालते हैं या फिर कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल आगे भी जारी रहती है।
फिलहाल एक व्हाट्सऐप संदेश से शुरू हुआ विवाद नगर पंचायत के कामकाज तक पहुंच चुका है और इसका खामियाजा कहीं आम जनता को न भुगतना पड़े, यही सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।