आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरंग विधानसभा एनएसयुआई के अध्यक्ष अजीत कोसले ने राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है।
राजधानी से जनता तक आरंग अजीत कोसले ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का इस शिक्षण सत्र में एक नया षड्यंत्र उजागर हुआ है। जटिल प्रक्रिया, पोर्टल के अव्यावहारिक शर्ते और त्रुटिपूर्ण व्यवस्था से परेशान छात्र और पालको से छात्रवृत्ति समर्पण की सहमति पत्र लिखवाई जा रही है, ताकि उसके आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति की राशि से वंचित किया जा सके। पिछले सत्रों में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली छात्रों के पालकों के बैंक अकाउंट में छात्रवृत्ति भेजने की व्यवस्था थी लेकिन अब नाबालिक बच्चों के भी नाम का ही अकाउंट होना चाहिए, तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए बैंक अकाउंट खोलना बेहद कठिन हैं, बैंक के चक्कर काटते परिजन थक चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा हैं। इस समस्या से ज़्यादा तर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्र अत्याधिक परेशान हैं सरकार का मानसिकता यह है कि आरक्षित वर्ग के छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान नहीं किया जाए ताकि अनुसूचित वर्गों के लोग अपने अर्थिक समस्याओं से घिरे रहे और शिक्षा से अपने हक अधिकार से वंचित रहें।आरक्षित वर्ग के गरीब बच्चों के लिए छात्रवृत्ति एक राशि ही नहीं बल्कि पढ़ाई के एक व्यवस्था है, आर्थिक मदद है जिससे बच्चे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रख पाते हैं, छत्तीसगढ़ छात्रवृत्ति पोर्टल में किए गए भेदभाव पूर्ण बदलाव के चलते लाखों की संख्या में छात्र छात्रवृत्ति की राशि से वंचित कर दिए गए हैं।इससे छात्र, पालक और शिक्षक सभी परेशान हैं।
Author: Ishwar Naurange
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