राजधानी से जनता तक/आरंग। जनपद पंचायत आरंग अंतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं पंचायतों में वर्ष 2022 से 2024 के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायतकर्ता अजीत कुमार ढीढ़ी द्वारा वर्ष 2023 से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने समय-समय पर कलेक्टर रायपुर, मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य सक्षम अधिकारियों को लिखित शिकायतें एवं दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध कराए, लेकिन लंबे समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता अजीत कुमार ढीढ़ी ढ़ी के अनुसार उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी जानकारी प्राप्त कर संबंधित अभिलेखों का अध्ययन किया। उनका आरोप है कि कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत महिला समूहों के पंजीयन, जॉब कार्ड जारी करने, पात्रता निर्धारण, निजी कुओं, पशु शेड, निर्माण कार्यों तथा भुगतान प्रक्रिया में नियमों के विपरीत कार्य किए गए। उन्होंने इन बिंदुओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को दस्तावेज भी उपलब्ध कराने का दावा किया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि विभागीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में भी शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी और इसी क्रम में 24 जून 2026 को जनपद पंचायत आरंग कार्यालय में उन्हें बुलाकर उनका विस्तृत लिखित बयान दर्ज किया गया, जिसमें उन्होंने उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर अपने आरोपों को प्रस्तुत किया।
अपने बयान में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ पंचायतों में फर्जी जॉब कार्ड, अपात्र व्यक्तियों का पंजीयन, निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता, सामग्री एवं मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी तथा शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
अजीत कुमार ढीढ़ी ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा यदि शासकीय राशि का दुरुपयोग सिद्ध होता है तो उसकी वसूली भी सुनिश्चित की जाए
अस्वीकरण: यह समाचार शिकायतकर्ता अजीत कुमार ढीढ़ी द्वारा प्रस्तुत शिकायतों, लिखित बयान एवं उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में वर्णित आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की सत्यता एवं उत्तरदायित्व का अंतिम निर्धारण सक्षम प्राधिकारी की जांच एवं विधिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।






