कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में सशक्त पहल : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एनआरसी और आंगनबाड़ी में बच्चों संग बिताया समय

रायपुर , 27 जून 2026 / महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने दो दिवसीय बीजापुर प्रवास के दौरान जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) एवं तहसीलपारा आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर कुपोषण उन्मूलन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं माताओं से आत्मीय संवाद करते हुए राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के निर्देश दिए।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का निरीक्षण कर उपचाररत बच्चों एवं उनकी माताओं से मुलाकात की। केंद्र में भर्ती 14 बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने चिकित्सकों एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक बच्चे की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्तापूर्ण पोषण एवं समुचित देखभाल उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के सशक्त निर्माण का संकल्प है। राज्य सरकार कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने माताओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित विभिन्न मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं की जानकारी दी तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के बीच पहुंचकर उन्होंने चॉकलेट वितरित की, उनसे संवाद किया और उनके साथ समय बिताया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े के स्नेहपूर्ण व्यवहार ने उपस्थित माताओं एवं कर्मचारियों को भावुक कर दिया और केंद्र का वातावरण आत्मीयता से भर उठा।

’आंगनबाड़ी में बच्चों ने सुनाई कविता, मंत्री ने गाया गीत’

तहसीलपारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने पर नन्हे बच्चों ने गुलाब का फूल भेंट कर मंत्री श्रीमती राजवाड़े का स्वागत किया। बच्चों ने कविता प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जिससे मंत्री अत्यंत प्रसन्न हुईं। उन्होंने बच्चों के साथ गीत गाया और उन्हें नियमित अध्ययन, आंगनबाड़ी उपस्थिति तथा पौष्टिक भोजन ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं, जहां पोषण, शिक्षा और संस्कार का समन्वित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।

’गर्भवती महिलाओं को दिए मुनगा के पौधे’
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने गर्भवती महिलाओं को मुनगा (सहजन) के पौधे वितरित करते हुए इसके पोषण एवं औषधीय महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुनगा आयरन, कैल्शियम, विटामिन एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का उत्कृष्ट स्रोत है, जो महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन में अत्यंत उपयोगी है।
उन्होंने महिलाओं से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने और नियमित रूप से इसके सेवन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

’मुनगा पौधरोपण से दिया पोषण और हरित जीवन का संदेश’

मंत्री ने आंगनबाड़ी परिसर में मुनगा का पौधरोपण कर पोषण संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र और प्रत्येक घर में मुनगा का पौधा लगाने से कुपोषण उन्मूलन के अभियान को नई गति मिलेगी और परिवारों को प्राकृतिक पोषण का स्थायी स्रोत उपलब्ध होगा।

’महिलाओं और बच्चों के सशक्त भविष्य के लिए प्रतिबद्ध सरकार’

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता, जवाबदेही और समर्पण के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ आंगनबाड़ी व्यवस्था, प्रभावी पोषण पुनर्वास केंद्र और जनसहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त राज्य बनाने का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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