स्कूली बच्चों से किसानों तक सब परेशान, बदहाल सड़क पर जिम्मेदार बेखबर
छुईखदान। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई जा रही कोहलाटोला से गड़बंजा तक की सड़क इन दिनों बदहाली की मार झेल रही है। विकास और बेहतर संपर्क के उद्देश्य से शुरू हुई यह सड़क अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। मार्ग की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यहां बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और उखड़ी सतह के चलते आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क की जर्जर हालत की शिकायत कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। विभागीय उदासीनता के चलते लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
यह मार्ग कोहलाटोला पंचायत के आश्रित ग्राम गड़बंजा सहित आसपास के ग्रामीणों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से प्रतिदिन सरकारी कर्मचारी, कोटवार, स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और आम ग्रामीण ब्लॉक मुख्यालय व शहर तक पहुंचते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
बारिश शुरू होते ही हालात और बिगड़ गए हैं। सड़क पर जगह-जगह पानी भरने और कीचड़ फैलने से दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं। राहगीरों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जो रोजाना इसी मार्ग से स्कूल पहुंचते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य लगभग दो वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार द्वारा काम अधूरा छोड़ दिया गया। इसके बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हुआ और न ही संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। इससे ग्रामीणों में विभागीय लापरवाही और ठेकेदार को संरक्षण दिए जाने की आशंका गहरा गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य गांवों को हर मौसम में बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन कोहलाटोला से गड़बंजा मार्ग की स्थिति इस योजना के उद्देश्य पर सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए, अधूरे कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।






