निर्दलीय पार्षद दीपक नेताम ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा, 29 मई 2026। नगर पालिका परिषद सुकमा क्षेत्र में 28 मई की शाम आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने कई परिवारों की जिंदगी को प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई मकानों की छतें उड़ गईं, दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं तथा घरेलू सामान बर्बाद हो गया। प्रभावित परिवार अब राहत और मुआवजे की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 08 सहित अन्य वार्डों में सावित्री साहू, राजू बघेल, दीपक कश्यप, दीपक नाग, नसीब, राजू करटामी समेत अनेक परिवारों के मकानों को नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त घरों का पटवारियों द्वारा निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया गया और रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय को भेजी गई है।
इस बीच निर्दलीय पार्षद दीपक नेताम ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पटवारी समय पर अपना दायित्व निभाकर रिपोर्ट प्रस्तुत कर देते हैं, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की उदासीनता के कारण पीड़ित परिवारों को समय पर आपदा राहत राशि नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2025 में आए आंधी-तूफान से प्रभावित कई परिवार आज तक मुआवजे की राशि का इंतजार कर रहे हैं, जो प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।
पार्षद नेताम ने आशंका जताई कि विभागीय स्तर पर मुआवजा वितरण को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है।
प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें
20 अप्रैल 2025 की आंधी-तूफान घटना से जुड़े लंबित मुआवजा प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए।
28 मई 2026 की प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का शीघ्र सर्वे कर सात दिनों के भीतर प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के बाद यदि राहत राशि समय पर नहीं मिलती है, तो गरीब परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा जाता है। अब पीड़ितों और जनप्रतिनिधियों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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