राजधानी से जनता तक/चरण सिंह क्षेत्रपाल
देवभोग – गरियाबंद जिले के अंतर्गत विकास खण्ड देवभोग में युवक- युवतियों को रोजगार की सुनहरी उम्मीद आईटीआई देवभोग में संचालित हो रही है तो वहीं शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में नियमित रूप से विद्यार्थियों को शिक्षा अध्ययन कराने शिक्षकों की कमी के कारण संस्था पुरी तरह से प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने बताया कि तकनीकी शिक्षा संस्थान स्थापित होने के बावजूद भी यहां बुनियादी ढांचा पूरी तरह से कायम है। बड़ी उम्मीदों से कई वर्षों बाद जिला मुख्यालय से करीब 150 किलोमीटर दूरी पर स्थित देवभोग में आईटीआई स्थापित करने कई सदियों से इंतजार किया गया, तब ही संभव हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार कई वर्षो से कमी को पुरी करने मांग चलती आ रही है। नियमित शिक्षक की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई और भविष्य दोनों पर संकट मंडराती नजर दिखाई दे रही है।
आईटीआई देवभोग में 3 ट्रेंड 6 यूनिट शिक्षक व्यवस्था पर कमी
शासकीय आईटीआई देवभोग में तीन ट्रेड और छः यूनिट स्वीकृत है किंतु संस्थान में एक भी नियमित प्रशिक्षणार्थी पदस्थ नहीं है। संस्था का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था पर संचालित किया जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर कम्प्यूटर आपरेटर एवं प्रोग्रामिंग अस्सिटेंट पर पड़ रहा है।
नियमित कक्षाएं संचालित और प्रेक्टिकल पर गहरा प्रभाव पड़ रहा
देवभोग आईटीआई में अध्यनरत शिक्षार्थियों ने बताया कि शिक्षकों की कमी के बजह से स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं, तथा प्रायौगिक शिक्षण-प्रशिक्षण में भी कमी दिखाई दे रही है। जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारियां भी ठीक ढंग से नहीं कर पाने से प्रभावित हो रहे हैं। उक्त ग्रामीणों का कहना है कि इस डिजिटल युग में बेरोजगार को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है,सीओपीए ट्रेड में नियमित शिक्षक नहीं होना एक गंभीर चिंता का विषय है।
संस्था में नियमित शिक्षक व्यवस्था की कमी छात्रों में घटी पढ़ने की लनक
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश बच्चे गरीब परिवार से होते है, और इस दौरान वह अपने भविष्य को सुरक्षित स्थानों पर कदम रखने उच्ची उड़ानें होती है, लेकिन जब मंजिल तक पहुंचने में मार्ग दर्शक की विलुप्त हो तो वह अपनी मंजिल तक पहुंचने में कामयाब कैसे होंगे। अर्थात संस्था में नियमित रूप से छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन व तकनीकी शिक्षा का अध्ययन कराने शिक्षकों की कमी हो तो बच्चे कैसे शिक्षा अध्ययन कर अपनी भविष्य को संवारेंगे।
शासन-प्रशासन से ग्रामीण आईटीआई में शिक्षक व्यवस्था पर उठाई है कदम
देवभोग क्षेत्र के आईटीआई में अध्यनरत शिक्षार्थियों और पालक ने शासन-प्रशासन को अवगत कराया है कि इस संस्था में नियमित कार्यरत स्टाफ की जरूरत है,ताकि छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन व्यवस्था में दुरूस्त करने मांग रखी है।
शासन-प्रशासन संस्था में नियमित स्टाफ की व्यवस्था नहीं करती तो आंदोलन की चेतावनी दी गई
इलाके के ग्रामीण और छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इसी महीने के भीतर आईटीआई देवभोग में शिक्षक स्टाफ की व्यवस्था नहीं करती है तो अगले महीने से देवभोग मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने में मजबूर होंगे।इसकी जिम्मेदारी स्वयं शासन-प्रशासन होंगे।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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