खरपतवार प्रबंधन हेतु कृषक संगोष्ठी का आयोजन: धान फसल में खरपतवार नियंत्रण हेतु खेत स्तर पर वैज्ञानिकों ने दिया प्रायोगिक प्रदर्शन

 

खैरागढ़, 16 जुलाई 2025//जिले में खरीफ मौसम में धान की बुआई लगभग पूर्ण हो चुकी है, जिसमें लगभग 92,380 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल ली जाती है। धान बोआई के प्रारंभिक 20 से 30 दिनों के भीतर खरपतवारों का प्रकोप अत्यंत सामान्य होता है, जिसका समय पर प्रबंधन आवश्यक होता है।

 

इसी उद्देश्य से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सस्य विज्ञान विभाग अंतर्गत अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (खरपतवार प्रबंधन) द्वारा विकासखंड खैरागढ़ के ग्राम खजरी में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

 

संगोष्ठी के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. श्रीकांत चितले एवं वैज्ञानिक डॉ. नितिश तिवारी द्वारा ग्राम के कृषक मोहन वर्मा पिता रोहित वर्मा के खेत में धान की फसल पर खरपतवार नियंत्रण हेतु फिनाक्सूलम 1.02% w/w + सायहैलोफोप-ब्यूटाइल 5.1% w/w + बिसपायरीबैक सोडियम 10% EC दवा का छिड़काव कर सकरी एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार पर प्रभावी नियंत्रण का प्रदर्शन किया गया।

 

इस अवसर पर अन्य कृषकों को भी उक्त खरपतवारनाशी का वितरण किया गया और उसके सही उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। उप संचालक कृषि  राजकुमार सोलंकी द्वारा किसानों को खरपतवार नियंत्रण के समसामयिक उपायों की जानकारी दी गई।

 

कार्यक्रम में अनुविभागीय कृषि अधिकारी  वीरेंद्र डहरिया, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी  बुलेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।

Deendayal Yadu
Author: Deendayal Yadu