60 हजार से अधिक किसानों को मिला बीमा सुरक्षा कवच, 1615.65 लाख रुपये का भुगतान जारी
31 जुलाई तक फसल बीमा कराने की अपील, प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
खैरागढ़ । जिले में खरीफ फसलों को असामयिक वर्षा, अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बाद किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2170.40 लाख रुपये की दावा राशि स्वीकृत की गई है। स्वीकृत राशि में से अब तक 1615.65 लाख रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित किए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ मौसम 2025 में धान (सिंचित एवं असिंचित), सोयाबीन, अरहर तथा कोदो-कुटकी फसलों का बीमा किया गया था। योजना के अंतर्गत जिले के 56 हजार 973 ऋणी तथा 2 हजार 937 अऋणी किसानों ने बीमा के लिए आवेदन किया। इस प्रकार कुल 59 हजार 910 किसानों की लगभग 74.85 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को बीमा सुरक्षा के दायरे में शामिल किया गया। किसानों द्वारा योजना के तहत 775.31 लाख रुपये का प्रीमियम अंशदान जमा किया गया।
बीमित ग्रामों की फसलों का आकलन किए जाने के बाद कुल 2170.40 लाख रुपये की दावा राशि निर्धारित की गई। इसमें फसल कटाई प्रयोग के आधार पर 2094.57 लाख रुपये, स्थानीयकृत आपदा के तहत 25.79 लाख रुपये तथा फसल कटाई उपरांत क्षति के लिए 50.04 लाख रुपये की दावा राशि शामिल है।
उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत दावा राशि किसानों के आधार-सीडेड बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है तथा शेष पात्र किसानों को भी जल्द भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते, आधार नंबर एवं मोबाइल नंबर की जानकारी अद्यतन रखें ताकि दावा राशि के भुगतान में किसी प्रकार की समस्या न आए। साथ ही आगामी खरीफ मौसम के लिए किसान 31 जुलाई 2026 से पूर्व अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं। ऋणी किसानों को बोई जाने वाली फसल की सही जानकारी ऋण प्रदाय करने वाले बैंक को देने की सलाह दी गई है, जिससे वास्तविक फसल का बीमा हो सके और बीमित फसल एवं बोई गई फसल के बीच किसी प्रकार की विसंगति न रहे।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि तथा अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। योजना के माध्यम से किसानों को खेती में होने वाले जोखिम से राहत मिल रही है और उनकी आजीविका को सुरक्षा मिल रही है।


