राजधानी से जनता तक/ चरण सिंह क्षेत्रपाल
गरियाबंद – सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। वितरण में पार्दर्शिता लाने बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण यानी अंगूठे के निशान को अनिवार्य कर दिया है।नए निर्देशों के अनुसार अब बिना अंगूठा लगाएं राशन लेना लगभग नामुमकिन होगा।
अब राशन दुकानों से खाद्यान्न का वितरण मुख्य रूप से ई-पास मशीन पर लाभार्थियों के बायोमेट्रिक (अंगूठे या उंगली निशान) यानी आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जाएगा। केन्द्र सरकार के निर्देशो के बाद खाद्य विभाग ने इस संबंध में सभी जिलें के सभी कलेक्टरों को कड़ी गाइडलाइंस जारी कर दी है। दरअसल बात यह है कि, भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के विश्लेषण में यह बात सामने आई थी कि अधिकांश राशन दुकानों में बायोमैट्रिक के बावजूद मोबाइल ओटीपी का सहारा लेकर खाद्यान्न बांटा जाता रहा है।वन नेशन,वन राशनकार्ड योजना के तहत बायोमैट्रिक को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसलिए सरकार ने पार्दर्शिता पर सवाल उठाने वाले इस व्यवस्था पर कड़ा नियंत्रण लगा दिया है। अब यदि किसी भी दुकान में कुल वितरण के 5 प्रतिशत से अधिक राशन ओटीपी के जरिए बांटा गया। मामले की जांच होगी।
- जिलें की स्थिति पर एक नजर
गरियाबंद जिले में कुल 300 शासकीय उचित मूल्य की दूकानें है। गरियाबंद जिले के पांच विकासखण्ड गरियाबंद, छुरा,फिंगेश्वर,मैनपुर, और देवभोग में इन राशन दुकानों के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली( पीडीएस) का संचालन किया जाता है। जिलें के अंतर्गत ब्लाकवार दुकानों का वितरण इस प्रकार है – गरियाबंद 56, छुरा 66, फिंगेश्वर 53, मैनपुर 76, और देवभोग 49 है। छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग के नवीनतम रिकॉर्ड के अनुसार गरियाबंद जिले में कुल राशनकार्ड धारकों की संख्या है 2,02,414( लगभग 2.02 लाख) है इसमें कुल 1,40,305 प्राथमिकता,53,163 अंत्योदय,7,670 निराश्रित,681 दिव्यांग और सामान्य 595 शामिल है।
- लापरवाही पर नपेंगे अफसर
जिला कलेक्टर भगवान सिंह उइके का साफ-साफ निर्देश दिए गए हैं कि उचित मूल्य दुकान में बिना ठोस या सत्यापित तकनीकी कारण के ओटीपी से राशन बांटना पाया गया तो, संबंधित विक्रेता और उत्तरदाई अफसरों पर कड़ी और दंडात्मक कार्रवाई कि जाएगी।
- कुछ दुकानों को आनलाइन सुविधाएं
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरे छत्तीसगढ़ में केवल अंत्यंत दूरस्थ और पूरी तरह से नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में दुकानों को ही आफलाइन वितरण की अनुमति होगी। शेष सभी राशन दुकानों को शत् प्रतिशत आफलाइन रहना अनिवार्य होगा।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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