ग्राम संजारी में मोबाइल मेडिकल यूनिट से बैगा आदिवासी ग्रामीणों को मिल रही घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं

 

खैरागढ़, // भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा एवं सहायक आयुक्त स्वर्णिम शुक्ला के मार्गदर्शन, नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल एवं बृजेश ताम्रकार के पर्यवेक्षण में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बाहुल्य क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

इसी क्रम में विकासखंड छुईखदान के पीएम-जनमन ग्राम संजारी में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से बैगा आदिवासी समुदाय के ग्रामीणों को उनके गांव में ही निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाइयां एवं प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। मोबाइल मेडिकल यूनिट के ग्राम पहुंचते ही बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे एवं बुजुर्ग स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिए पहुंचे। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।

मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया तथा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में आगे की जांच एवं उपचार हेतु रेफर करने संबंधी परामर्श भी दिया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से उन्हें दूरस्थ अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता कम हो गई है। इससे समय एवं आर्थिक संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ समय पर उपचार भी उपलब्ध हो रहा है। बैगा आदिवासी समुदाय के लोगों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत चिन्हित ग्रामों में मोबाइल मेडिकल यूनिट का नियमित भ्रमण कराया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर उनके स्वास्थ्य स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है। इससे बैगा आदिवासी परिवारों को अपने गांव में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

Deendayal Yadu
Author: Deendayal Yadu