छुईखदान। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को छुईखदान विकासखंड में व्यापक जनभागीदारी के साथ अभियान का शुभारंभ हुआ। विकासखंड के सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा निर्धारित पोलियो बूथों पर सुबह से ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। अभियान के पहले दिन हजारों बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक “दो बूंद जिंदगी की” खुराक पिलाई गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान में अभियान का शुभारंभ पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष गिरिराज किशोर दास, नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रकाश महोबिया एवं वरिष्ठ कांग्रेसी शैलेन्द्र तिवारी ने नन्हे बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर एवं स्थायी विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय प्रत्येक बच्चे को समय-समय पर पोलियो की खुराक दिलाना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे।
अभियान के दौरान छुईखदान विकासखंड के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थापित सभी पोलियो बूथों पर सुबह से ही अभिभावकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रशिक्षित टीमों ने व्यवस्थित रूप से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई और अभिभावकों को पोलियो उन्मूलन के प्रति जागरूक भी किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि बार-बार पोलियो की खुराक पिलाने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और देश को पूरी तरह पोलियो मुक्त बनाए रखने में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस बार अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। पल्स पोलियो दिवस के बाद घर-घर जाकर उन बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाई जाएगी, जो किसी कारणवश निर्धारित बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो प्रत्येक मोहल्ले और गांव में जाकर छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें जीवनरक्षक खुराक उपलब्ध कराएंगी।
अभियान में बीएमओ डॉ. मनीष बघेल, बीपीएम बृजेश ताम्रकार, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. विनय रामटेके, विनोद पटेल, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, एएनएम, मितानिनों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला सक्रिय रहा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष छुईखदान विकासखंड में 152 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से तीन दिनों में कुल 26,019 बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है तथा सभी टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
बीएमओ डॉ. मनीष बघेल ने बताया कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सभी पात्र बच्चों को दवा पिलाना अत्यंत आवश्यक है। यदि कोई बच्चा एक भी बार छूट जाता है तो संक्रमण का खतरा बना रह सकता है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ अभियान का संचालन कर रहा है।
अभियान के समापन पर जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें, अपने आसपास के सभी पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो बूथ तक लेकर आएं तथा यदि स्वास्थ्य कर्मी घर-घर पहुंचें तो उन्हें पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।






