170 किलोमीटर दूर नक्सलमुक्त गांव पहुंचीं राज्य महिला आयोग सदस्य अधिवक्ता दीपिका शोरी, ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनी समस्याएं, विकास का दिलाया भरोसा
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। कभी नक्सली कमांडरों के प्रभाव और नक्सली गतिविधियों के कारण भय का पर्याय रहा सुकमा जिले का ग्राम पंचायत पालाचलमा अब नक्सलमुक्त होकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। जिला मुख्यालय से लगभग 170 किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव में पहली बार राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं अधिवक्ता दीपिका शोरी पहुंचीं। ग्रामीणों ने पारंपरिक लोकनृत्य, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। स्थानीय आराध्य देवी माता मुतेलम्मा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया।
मंच नहीं, ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनी समस्याएं
दीपिका शोरी ने औपचारिक कार्यक्रम के बजाय गांव के पुजारी, पेरमा, पटेल, सरपंच, पूर्व सरपंच, महिलाओं और युवाओं के साथ जमीन पर बैठकर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि आज के नक्सलमुक्त वातावरण और पहले के हालात में क्या अंतर महसूस होता है। ग्रामीणों ने कहा कि पहले भय का माहौल था, जबकि अब वे खुलकर अपनी समस्याएं शासन-प्रशासन तक पहुंचा पा रहे हैं और यही वास्तविक आजादी का अनुभव है।
ग्रामीण बोले—गांव में चाहिए राशन दुकान और आश्रमशाला
ग्रामीणों ने बताया कि आज भी उन्हें राशन लेने के लिए 9 किलोमीटर दूर किस्टाराम जाना पड़ता है। उन्होंने गांव में उचित मूल्य की दुकान खोलने की मांग की। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वर्ष 2009 के आसपास नक्सलियों द्वारा आश्रमशाला, आंगनबाड़ी और अन्य शासकीय भवनों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिसके कारण आज भी सौ से अधिक बच्चों को दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। उन्होंने गांव में पुनः आश्रमशाला शुरू करने की मांग रखी।
बिजली का इंतजार, पुराने खंभे आज भी गवाह
ग्रामीणों ने बिजली की समस्या को सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि किस्टाराम से पालाचलमा मार्ग पर वर्षों पुराने बिजली के खंभे आज भी खड़े हैं, लेकिन गांव तक बिजली नहीं पहुंची है। ग्रामीण चाहते हैं कि उनके घरों में भी रोशनी पहुंचे और बच्चों को बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिले।
398 प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों का सर्वे पूरा
पंचायत सचिव ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गांव के 398 पात्र हितग्राहियों का सर्वे पूरा हो चुका है। आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद स्वीकृति जारी की जाएगी, जिससे पात्र परिवारों को पक्के आवास का लाभ मिल सकेगा।
विकास कार्यों का निरीक्षण, गुणवत्ता पर दिया जोर
दौरे के दौरान दीपिका शोरी ने गांव में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकारी योजनाओं की दी जानकारी, विकास का दिलाया भरोसा
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए दीपिका शोरी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता नक्सलमुक्त क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता से किया जा रहा है तथा पालाचलमा जैसे गांवों को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
सामाजिक जागरूकता और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की अपील
संवाद के दौरान गांव में कुछ परिवारों के धर्म परिवर्तन की जानकारी मिलने पर दीपिका शोरी ने ग्रामीणों से अपनी परंपरा, संस्कृति और सामाजिक पहचान को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार एवं योजनाओं का लाभ समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार के बहकावे में न आने, सामाजिक एकता बनाए रखने तथा जो लोग अलग हो गए हैं उनसे भी समाज और अपनी मूल परंपराओं से पुनः जुड़ने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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