महिला आयोग की सख्ती: दो शासकीय सेवक जवानों पर FIR के निर्देश, एक मामले में 5 लाख का समझौता, कई परिवारों को मिला भरण-पोषण

जिला प्रमुख नवीन दांदडें

सुकमा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सुकमा में महिला उत्पीड़न और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों की जनसुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई में आयोग की प्रभारी सदस्य अधिवक्ता दीपिका शोरी एवं सह-प्रभारी सदस्य ओजस्वी मंडावी भी मौजूद रहीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 21 प्रकरणों पर सुनवाई की गई, जिनमें कई मामलों में मौके पर ही महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सबसे चर्चित मामलों में आयोग ने दो अलग-अलग मामलों में शासकीय सेवक जवानों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए डीएसपी सुकमा को निर्देश दिए। आयोग ने स्पष्ट किया कि महिला उत्पीड़न और शोषण के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक मामले में आयोग की पहल पर आवेदिका को अनावेदक से 5 लाख रुपये एकमुश्त नगद दिलाया गया। वहीं दो अन्य मामलों में महिलाओं के भरण-पोषण को सुनिश्चित करते हुए आयोग ने संबंधित पतियों को प्रतिमाह 8 हजार एवं 15 हजार रुपये देने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान एक आरक्षक द्वारा बिना तलाक दूसरी शादी करने और पत्नी-बच्चों की जिम्मेदारी नहीं निभाने के मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाया। संबंधित कर्मचारी को तत्काल भरण-पोषण राशि देने तथा प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर सेवा समाप्ति की अनुशंसा करने की चेतावनी दी गई।
एक अन्य मामले में 13वीं बटालियन के जवान पर महिला से धन लेने और वापस नहीं करने का मामला सामने आया। आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए एक सप्ताह के भीतर राशि लौटाने के निर्देश दिए तथा पालन नहीं होने पर सेवा समाप्ति की अनुशंसा की चेतावनी दी।
वन विभाग से जुड़े एक संवेदनशील मामले में सिंदूरगुड़ा गांव की महिलाओं ने उड़नदस्ता कार्रवाई के दौरान मारपीट, धक्का-मुक्की और महिला स्टाफ के बिना घरों में प्रवेश करने के आरोप लगाए। मामले को गंभीर मानते हुए आयोग ने DFO सुकमा को संपूर्ण जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आगामी सुनवाई 9 जुलाई को रायपुर में निर्धारित की गई है।
एक अन्य गंभीर मामले में सीआरपीएफ जवान पर शादी का झांसा देकर वर्षों तक शोषण करने और बाद में विवाह करने का आरोप सामने आया। आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित जवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा सेवा समाप्ति की अनुशंसा करने का निर्णय लिया।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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