राजधानी से जनता तक/चरण सिंह क्षेत्रपाल
देवभोग – 36 गांवों की मुसीबत का हुआ शुभारंभ बीते सोमवार से हो रही झमाझम बारिश से पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, तथा देवभोग के बेलाटनाला नाले ऊफान पर है, इससे 36 गांवों का देवभोग से सड़क सम्पर्क टूटा गया है, और सावन माह की इस झड़ी से पूरा अंचल तर-बतर हो गया,बेलाटनाला सुबह से दोपहर तक हुए बारिश के कारण अपने पूरे शबाब पर था, जिससे मार्ग दिन भर बाधित रहा, जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, सर्वाधिक परेशानी आस-पास के गांवों से जो देवभोग स्कूल में पढ़ने जाने वाले छात्र-छात्राओं को हुई,जो स्कूल की छुट्टी पश्चात् घर जाने में पूरी तरह से असमर्थ होते हैं, उसी दौरान एक दस कदम लंबी दूरी मोखागुडा से कुम्हडंईखुर्द मार्ग से गुजरते हुए अपने घर को जाने मजबूर है।इसी तरह बेलाटनाला के उस पार भी यही स्थिति बनी रहती हैं, चुकी अधिकांश शिक्षक है,जो कि आसपास के स्कूलों में अध्यापन कार्य हेतु आते हैं, तो वहीं अधिक दूरी में रहने वाले शिक्षक स्कूल में जल्दी पहुंच नहीं पाते हैं, और वह घुमते फिरते खासा लंबी दूरी देवभोग से मोखागुडा कुम्हडंईखुर्द सड़क से होकर गुजरना पड़ता है, इसलिए शिक्षक आधा, एक घंटा समय लग जाता है। उक्त ग्रामीणों ने बताया कि देवभोग बेलाटनाला अब जनजीवन के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है, अधिक बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहे हैं, खासकर उन बच्चों का जो देवभोग महाविद्यालय, हायर सेकंडरी स्कूलों,शिशु मंदिर,बीएचएन स्कूल व अन्य संस्थाओं में अध्ययन करने वाले छात्रों के भविष्य के बारे में बड़ी चिंता सताती है, बरसात तीन माह लगातार बारिश होने से बेलाटनाला में जलस्तर बढ़ने से आवागमन में मार्ग बंद हो जाता है,जो इस रास्ते से प्रति दिन शासकीय अधिकारी,कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान,आम जनता व अन्य व्यवसायों का आवाजाही मार्ग हैं, नाले में अधिक जल भराव से 36 गांवों के लोगों का पूरा कामकाज ढप हो जाता है। ग्रामीणों ने और भी यह बताया कि देवभोग क्षेत्र में चुनाव के समय राजनीति का बड़ा हिस्सा बनाया जाता है, और बेलाटनाला को पुलिया निर्माण कराने का जनमुद्दा में रखी जाती है और चुनाव जीतने के बाद बेलाटनाला बनाई जाएगी का शब्द उनके मुख से मुक्त हो जाता है।दो दो बड़ी राजनीतिक दलों की सरकारें बनी लेकिन अब तक बेलाटनाला नहीं बन पाई है, दोनों ने दो-दो बार उद्घाटन किया नारियल, पूजा अर्चना किया गया, लेकिन पुलिया निर्माण जगह से गायब है, क्या ऐसे ही होता रहेगा देवभोग क्षेत्र की विकास ? बेलाटनाला की बजह से 36 गांवों के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जब किसी मां बहने का प्रसव या स्वास्थ्य जांच करनी है, तो उसे उड़िसा राज्य की ओर घुमाते हुए अस्पताल पहुंचाया जाता है।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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