जिला चिकित्सालय बना जीवन रक्षक केंद्र, गंभीर मरीज को मिला समय पर उपचार

जिला प्रमुख नवीन दांदडें 

सुकमा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम देने लगे हैं। इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण जिला चिकित्सालय सुकमा में देखने को मिला, जहां डॉक्टरों की तत्परता और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता ने एक गंभीर मरीज को नया जीवन दे दिया।

कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में लगातार सुधार किया जा रहा है। दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की भर्ती भी की जा रही है।

इसी क्रम में छिंदगढ़ विकासखंड के कुन्ना निवासी 38 वर्षीय श्रीमती पाली कवासी को अत्यंत गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण स्थिति बेहद नाजुक थी और तत्काल सर्जरी की आवश्यकता पड़ी। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा ने बिना समय गंवाए एलएससीएस (सीजर) ऑपरेशन कर उपचार शुरू किया।

ऑपरेशन के दौरान मृत शिशु के जन्म के बाद महिला की हालत और अधिक गंभीर हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उसकी सांसें थमने लगीं और हृदय की धड़कन भी रुकने की स्थिति में पहुंच गई। ऐसे संकटपूर्ण समय में मेडिकल टीम ने तुरंत निर्णय लेते हुए महिला को दो बार सीपीआर दिया और तत्काल वेंटीलेटर पर शिफ्ट कर इलाज शुरू किया।

इसके साथ ही महिला को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। डॉक्टरों की सूझबूझ, तत्परता और आधुनिक उपकरणों की मदद से अंततः महिला की जान बचा ली गई। वर्तमान में श्रीमती पाली कवासी पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल के डॉक्टरों एवं स्टाफ का आभार व्यक्त कर रही हैं।

यह घटना न केवल जिला चिकित्सालय की कार्यक्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जिला प्रशासन के प्रयासों से अब सुकमा में गंभीर से गंभीर मरीजों को भी समय पर जीवन रक्षक उपचार मिल रहा है।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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