तीन-तीन छात्रावासों का बोझ झेल रहे अधीक्षक की सड़क दुर्घटना मे मृत्यु

छात्रावास अधीक्षक की मौत ने खोली विभाग की पोल..

अनुराज साहू जिला ब्यूरो चीफ सारंगढ़ बिलाईगढ़ राजधानी से जनता तक

सारंगढ़ बिलाईगढ़:- सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला के आदिवासी विकास विभाग में जारी अव्यवस्था, मनमानी और कथित भ्रष्टाचार का काला सच एक बार फिर सामने आया है। सहायक आयुक्त के तुगलकी फरमान को पूरा करने की मजबूरी या और कुछ? लेकिन इस खेल ने एक युवा छात्रावास अधीक्षक की जान ले बैठी। बीते मंगलवार रात सड़क दुर्घटना में हुई दर्दनाक मौत ने पूरे विभाग को हिलाकर रख दिया है लेकिन असली सवालों से विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी सहित अधिकारी अब भी बचने की कोशिश कर रहे हैं।
घटना बीती

मनमाने आदेश का खामियाज़ा-

मृतक अधीक्षक की मूल पदस्थापना प्री-मैट्रिक छात्रावास बार में थी। लेकिन सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग द्वारा 01 अगस्त 2025 को जारी एक आदेश के तहत उन्हें नई जगह पदोन्नत करते हुए आश्रम सांकरा में पदस्थ कर दिया गया था।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार— इस मामले में मृतक छात्रावास अधीक्षक अमित पटेल उम्र 35 वर्ष जो मूल रूप से सारंगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम भेड़वन निवासी थे और घटना दिनांक की रात्रि बरमकेला से चंद्रपुर मुख्य मार्ग से लौट रहे थे लेकिन मौहापाली मोड़ के पास सड़क दुर्घटना में अपनी जान गवां बैठे। वे अपने पीछे रोते बिलखते एक मासूम लड़के सहित पूरे परिवार को छोड़ गए। इस मामले में आदिवासी विकास विभाग द्वारा दिनांक 01/08/2025 को आदेश जारी किया गया था जिसमें असामयिक मौत के गाल में समाने वाले युवा छात्रावास अधीक्षक अमित पटेल ने जारी आदेश पर अमल करते हुए नवीन पदस्थापना आश्रम सांकरा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराया था लेकिन मूल पदस्थापना छात्रावास बार को भी देख रहे थे और इन सबके बावजूद विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की तुगलकी फरमान कहें या फिर उनकी मिठाई डिब्बा वाली सांठगांठ रूपी सहमति से छात्रावास बोंदा का भी प्रभार दिया गया था मतलब एक अकेला कर्मचारी तीन-तीन छात्रावासों का बोझ उठा रहा था। विभाग के इस अव्यवस्थित आदेश ने अधीक्षक को रोजाना लंबी दूरी तय करने पर मजबूर किया और लगातार दौड़भाग और रात्रि आवागमन के दौरान ही उनका दर्दनाक सड़क हादसा हो गया।

पदोन्नति आदेश बना पैसों का खेल!

इस मामले सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पदोन्नति और नई पदस्थापना की सूची को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि— जिनका “पदोन्नति आदेश” जारी हुआ, उनमें से अधिकांश ने अपने मूल कार्यालय से दूर जाने से बचने के लिए लाखों रुपये तक खर्च किए। पैसा देकर नजदीकी हॉस्टलों का “अतिरिक्त प्रभार” हासिल करने का खेल खुलेआम चलता रहा। केवल गिनती के छात्रावास अधीक्षकों ने ही वास्तविक रूप से आदेश का पालन किया है और उसी कड़ी में यह युवा अधीक्षक भी शामिल था,जिसने आदेश का पालन करते हुए तीन हॉस्टलों की जिम्मेदारी निभाई और अंत में मौत का शिकार बन गया।

विभाग की विफलता?

आदेश पालन के बाद भी अधीक्षक को निवास सुविधा नहीं!*
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब जिला स्तरीय आदेश 01/08/2025 को जारी हो चुका था तो अधीक्षक को अपने नए पदस्थ छात्रावास में निवास की व्यवस्था क्यों नहीं किया गया?..

सड़क में लगे माइलेज स्टोन उखड़ गया था-

बरमकेला कटंगपाली मुख्य मार्ग पर जिस जगह पर अधीक्षक अमित पटेल की मौत हुई है उस जगह की सड़क किनारे लगा माइलेज स्टोन उखड़ कर फेंका गया है। सड़क पर बाइक की रगडाने की चिन्ह दिखा रहे हैं। ऐसे में बाइक की गति अधिक रही होगी और अचानक बाइक अनियंत्रित हो जाने से माइलेज स्टोन से टकरा गया होगा। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकता है।

बहरहाल अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना से सबक लेकर आदिवासी विकास विभाग द्वारा पदोन्नति के साथ स्थानांतरण पर अमल करते हैं या नहीं तथा नवीन पदस्थापना स्थल पर निवास करेंगे या नहीं?

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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