जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिलेभर में मलेरिया से बचाव और जन-जागरूकता को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायत से लेकर जिला स्तर तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया गया।
जिला चिकित्सालय और लाइवलीहुड कॉलेज में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को मलेरिया के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर उपचार की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि थोड़ी सी सावधानी और समय पर जांच से इस बीमारी से बचा जा सकता है। इसी क्रम में मलेरिया प्रभावित अति संवेदनशील ग्राम गोंदपल्ली में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। यहां बैगा, गुनिया, पेरमाँ और ग्राम के वरिष्ठजनों की उपस्थिति में एक विशाल सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन में ग्रामीणों ने एकजुट होकर “मलेरिया मुक्त गांव” बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि किसी भी व्यक्ति को बीमारी के लक्षण दिखने पर अस्पताल जाने में देरी नहीं की जाएगी और मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में पूरा सहयोग दिया जाएगा।
कार्यक्रम जिला मलेरिया सलाहकार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, साफ-सफाई बनाए रखने, जलजमाव रोकने और समय पर जांच कराने की अपील की।
संदेश साफ है — जागरूकता ही बचाव है, और मिलकर ही बनेगा मलेरिया मुक्त सुकमा।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
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