सुकमा में वनाग्नि रोकथाम के लिए 112 वन अग्नि प्रहरी तैनात, चार माह तक करेंगे निगरानी

ग्रामीणों से आग लगने की सूचना तत्काल देने की अपील

जिला प्रमुख नवीन दांदडें

सुकमा – ग्रीष्म ऋतु में बढ़ते तापमान के साथ संभावित वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सुकमा वनमंडल ने व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। वन क्षेत्रों की सुरक्षा और आग लगने की स्थिति में त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा 112 वन अग्नि प्रहरियों की तैनाती की गई है। इन प्रहरियों को चार माह के लिए नियुक्त किया गया है, जिन्हें ₹10,000 मासिक मानदेय के साथ आग बुझाने के लिए फायर ब्लोअर सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
वन विभाग के अनुसार, जिले के संवेदनशील वन क्षेत्रों में आग के फैलाव को रोकने के लिए फायर लाइन का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टर और दीवार लेखन के माध्यम से वनाग्नि से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
वन विभाग द्वारा आयोजित तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यशालाओं में भी ग्रामीणों को वनाग्नि से होने वाले नुकसान, जंगलों की सुरक्षा और आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी वनाग्नि का कारण बन सकती है, इसलिए सभी से सतर्क रहने की अपील की गई है।वनाग्नि की सूचना प्राप्त करने और त्वरित कार्रवाई के लिए वनाग्नि नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। किसी भी स्थान पर आग लगने की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 7587016212 जारी किया गया है।
वन विभाग ने जिले के ग्रामीणों, तेंदूपत्ता संग्राहकों और वन क्षेत्रों में जाने वाले लोगों से अपील की है कि वनाग्नि की घटना दिखाई देने पर तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके और जंगलों को सुरक्षित रखा जा सके।

Rajdhani Se Janta Tak
Author: Rajdhani Se Janta Tak

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