एकता, शिक्षा, नशामुक्ति और सकारात्मक सोच का दिया गया सशक्त संदेश
जिला प्रमुख नवीन दांदडें
सुकमा – विकासखंड छिंदगढ़ के ग्राम मंगीतोंग पाकेला में उयका सोढ़ी परिवार का जिला स्तरीय वार्षिक सम्मेलन हर्षोल्लास, सामाजिक एकजुटता और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन में सुकमा जिले के साथ-साथ बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं उड़ीसा से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य समाज को संगठित करना, शिक्षा को बढ़ावा देना, नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाना तथा आदिवासी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना रहा।

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति शिक्षा, अनुशासन, एकता और सकारात्मक सोच में निहित है। युवाओं से आह्वान किया गया कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा एवं रोजगार के माध्यम से अपने भविष्य को मजबूत बनाएं और समाज का नाम रोशन करें।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर – दीपिका सोढ़ी
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं अधिवक्ता दीपिका सोढ़ी ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मेलन केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, परंपरा और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोढ़ी परिवार का हर बच्चा उच्च शिक्षा प्राप्त करे और बड़े पदों तक पहुंचे, यही समाज का सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि जिन बच्चों के माता-पिता का निधन हो चुका है और वे घर से पढ़ाई कर रहे हैं, ऐसे बच्चों की जानकारी उपलब्ध कराने पर शासन की योजना के तहत ₹4000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो।
महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तभी समाज सशक्त बनता है। शिक्षा, भूमि विवाद, घरेलू हिंसा या किसी भी सामाजिक समस्या की स्थिति में तुरंत संपर्क करने की अपील करते हुए उन्होंने हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
नक्सलवाद और सोशल मीडिया पर युवाओं को कड़ा संदेश – संजय सोढ़ी
समाज के वरिष्ठ सदस्य संजय सोढ़ी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग बेहद आवश्यक है। बिना सोचे-समझे की गई टिप्पणियां समाज की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सोढ़ी समाज कभी भी देश विरोधी या नक्सली विचारधारा का समर्थन नहीं करता। कुछ लोगों द्वारा कुख्यात नक्सली माड़वी हिड़मा को महिमामंडित किए जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के कारण कई निर्दोषों की जान गई है, समाज ऐसे कृत्यों को कतई स्वीकार नहीं कर सकता। युवाओं से अपील की गई कि वे सकारात्मक सोच के साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक एकता का संकल्प
सम्मेलन में सोढ़ी समाज को गोंड जनजाति वर्ग से जुड़ा बताते हुए उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का समापन शिक्षा, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण एवं राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता के साथ किया गया।
अध्यक्ष लच्छुराम सोढ़ी का प्रेरक संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लच्छुराम सोढ़ी ने कहा कि समाज की बेटियां और बेटे आज शिक्षा, समाज सेवा और राजनीति में आगे बढ़कर समाज का नाम रोशन कर रहे हैं। यही प्रेरणा समाज के हर बच्चे को शिक्षा ग्रहण कर हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा में ले जानी चाहिए।
गोंडी भाषा में शानदार संचालन
कार्यक्रम का कुशल संचालन मुकरम से आए हिड़मा गुरुजी ने स्थानीय गोंडी बोली में किया। उन्होंने कोया माटा और आदिवासी परंपराओं को समाज के हर व्यक्ति द्वारा प्राथमिकता से जानने और अपनाने का संदेश दिया।
विशेष रूप से उपस्थित रहे
लच्छू सोढ़ी (अध्यक्ष), राजू सोढ़ी (उपाध्यक्ष), मानका सोढ़ी (सचिव), राजू सोढ़ी (उप सचिव), महेश सोढ़ी, देवालाल सोढ़ी, राजूराम सोढ़ी, सायम सोढ़ी, नंदा सोढ़ी, मंगड़ू सोढ़ी, रामधर सोढ़ी, भीमा सोढ़ी, रमेश सोढ़ी, सुशीला सोढ़ी, सुक्को सोढ़ी, रीना सोढ़ी सहित जिला सुकमा के सोढ़ी परिवार के अनेक प्रमुख सदस्य।
Author: Rajdhani Se Janta Tak
राजधानी से जनता तक न्यूज वेबसाइट के आलावा दैनिक अखबार, यूटयूब चैनल के माध्यम से भी लोगो तक तमाम छोटी बड़ी खबरो निष्पक्ष रूप से सेवा पहुंचाती है




